Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الدَّارُ الْآخِرَةُ: आख़िरत का घर, यानी जन्नत।
- خَالِصَةً: विशेष रूप से केवल तुम्हारे लिए, जिसमें कोई और शामिल न हो।
- مِن دُونِ النَّاسِ: अन्य लोगों को छोड़कर, सिर्फ तुम्हारे लिए।
- فَتَمَنَّوُا الْمَوْتَ: तो मौत की कामना करो, यानी मौत को बुलाओ।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन यहूदियों से कह दीजिए जो दावा करते हैं कि जन्नत सिर्फ उन्हीं के लिए है और दूसरे लोग उसमें दाखिल नहीं होंगे—अगर सच में आख़िरत का घर (जन्नत) अल्लाह के पास सिर्फ तुम्हारे लिए खास है, और बाकी लोगों का उसमें कोई हिस्सा नहीं, तो फिर तुम मौत की कामना क्यों नहीं करते? क्योंकि जो व्यक्ति यकीन रखता है कि उसकी मंज़िल जन्नत है, वह उस तक पहुँचने के लिए मौत को ही सबसे आसान रास्ता समझता है। मौत के बिना जन्नत में दाखिला नहीं हो सकता। इसलिए अगर तुम अपने इस दावे में सच्चे हो, तो मौत की तमन्ना करो और उसे बुलाओ, ताकि जल्दी से जल्दी अपनी उस खास मंज़िल तक पहुँच सको और दुनिया की मेहनत-मशक्कत और परेशानियों से छुटकारा पा सको। लेकिन तुम जानते हो कि तुम झूठे हो, इसीलिए तुम मौत की कामना कभी नहीं करोगे, क्योंकि तुम्हें अपने अंजाम का डर है। यह बात खुद तुम्हारे लिए इस बात का सबूत है कि तुम्हारा दावा बिल्कुल झूठा है।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत उन लोगों के झूठे दावों को बेनकाब करती है जो बिना ईमान और अच्छे आमाल के सिर्फ नस्ल या रिश्ते के आधार पर जन्नत का दावा करते हैं। जन्नत अल्लाह की रहमत से मिलती है, किसी की विरासत नहीं है।
- सच्चे ईमान की पहचान यह है कि इंसान को अल्लाह से मिलने की चाहत हो और वह उसकी रज़ा के लिए मौत से न डरे, बल्कि उसे अपनी मंज़िल समझे।
- यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि वे अपने दावों को सच साबित करने के लिए अमल से दिखाएँ, सिर्फ ज़ुबानी दावे काफी नहीं।
- मौत की कामना करना किसी के लिए जायज़ नहीं है, लेकिन यहाँ यह यहूदियों के झूठ को साबित करने के लिए कहा गया है, जो उनकी सच्चाई की कसौटी थी।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह के नबी (ﷺ) की दलीलें इतनी मज़बूत होती हैं कि विरोधी खुद अपने दावों में फँस जाते हैं।
📜 आयत 92-96 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 94
सूरा अल-बकरा आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) इन लोगों से कह दो कि अगर खुदा…सूरा आयत 94/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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