Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- मीथाक़: पक्का वादा और अहद।
- अत-तूर: वह पहाड़ जिस पर अल्लाह ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से कलाम किया था।
- बिक़ुव्वतिन: पूरी मेहनत, गंभीरता और दृढ़ संकल्प के साथ।
- उशरिबू: उनके दिलों में (बछड़े की मुहब्बत) पिला दी गई, यानी उसकी मुहब्बत उनके दिलों में इस कदर घर कर गई जैसे पानी किसी चीज़ में समा जाता है।
- बि'सा: बहुत बुरा है।
तफ़सीर:
ऐ बनी इसराईल! उस वक़्त को याद करो जब हमने तुमसे पक्का वादा लिया था कि तुम हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की पैरवी करोगे और तौरात पर अमल करोगे। लेकिन तुमने यह वादा तोड़ दिया। फिर हमने तुम्हारे डर के लिए तूर (पहाड़) को तुम्हारे सिरों के ऊपर उठा दिया और कहा: "जो किताब हमने तुम्हें दी है उसे पूरी मेहनत और गंभीरता से पकड़ो, और सुनो और आज्ञा मानो।" अगर तुमने न माना तो हम यह पहाड़ तुम पर गिरा देंगे। उस वक़्त तुमने ज़ुबान से कहा: "हमने सुन लिया" लेकिन असल में तुमने नाफ़रमानी की, क्योंकि तुम्हारे दिलों में बछड़े की मुहब्बत इस कदर पिला दी गई थी कि वह तुम्हारे ख़ून में घुल गई। यह सब तुम्हारे कुफ्र और सरकशी की वजह से हुआ।
ऐ नबी! इन लोगों से कह दो कि अगर तुम सच में ईमानवाले हो, तो तुम्हारा यह ईमान तुम्हें कितना बुरा हुक्म दे रहा है कि तुम अल्लाह को छोड़कर बछड़े की इबादत करो। यह ईमान नहीं, बल्कि गुमराही और कुफ्र है। सच्चा ईमान तो वह है जो इंसान को अल्लाह की इताअत और उसके रसूल की पैरवी की तरफ बुलाए, न कि नाफ़रमानी और शिर्क की तरफ।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह के साथ किया गया वादा बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। जो लोग अल्लाह से वादा करके तोड़ते हैं, वह कभी कामयाब नहीं होते। दूसरी तरफ, यह आयत हमें बताती है कि सिर्फ ज़ुबान से "हम ईमान लाए" कहना काफी नहीं है, बल्कि दिल और अमल दोनों से अल्लाह की इताअत ज़रूरी है। आज हम मुसलमानों को चाहिए कि हम अल्लाह के दीन को पूरी गंभीरता से पकड़ें, कुरान और सुन्नत पर अमल करें, और उन लोगों की तरह न बनें जिन्होंने सुना लेकिन नाफ़रमानी की। अल्लाह हमें सच्चे ईमान और अच्छे अमल की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 91-95 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 93
सूरा अल-बकरा आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (वह वक्त याद करो) जब हमने तुमसे अहद लिया…सूरा आयत 93/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


