ताहा · 23/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
لِنُرِيَكَ مِنْ آيَاتِنَا الْكُبْرَى ۝٢٣
Linuriyaka min Aayaatinal Kubra
📖 हिंदी अर्थ
(ये) ताकि हम तुमको अपनी (कुदरत की) बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाएँ

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِنُرِيَكَ – ताकि हम तुम्हें दिखाएँ
  • مِنْ آيَاتِنَا – अपनी निशानियों में से
  • الْكُبْرَى – बड़ी (महान) निशानी

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ मूसा (अलैहिस्सलाम)! ये सब कुछ जो हमने तुम्हें दिखाया—लाठी का साँप बन जाना और हाथ का चमकता हुआ नूर बन जाना—इसलिए किया गया ताकि हम तुम्हें अपनी बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाएँ जो हमारी कुदरत (शक्ति) और अज़मत (महानता) पर दलील हैं। ये निशानियाँ इस बात का सबूत हैं कि तुम सच्चे पैग़म्बर हो और जो कुछ तुम्हारे पास आया है वह अल्लाह की तरफ़ से है।

ये दोनों मोजिज़े (चमत्कार) उस वक़्त दिखाए गए जब मूसा (अलैहिस्सलाम) को फ़िरऔन के पास जाने का हुक्म दिया गया था। अल्लाह ने उन्हें ये निशानियाँ इसलिए अता कीं ताकि वे बड़े-बड़े इन्कार करने वालों के सामने पेश कर सकें और उन्हें साबित कर सकें कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है। इन निशानियों में सबसे बड़ी निशानी मूसा (अलैहिस्सलाम) का हाथ था जो जेब में डालते ही बिना किसी बीमारी के चमकने लगता था—यह उनकी सबसे बड़ी निशानियों में से एक थी।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह अपने प्यारे बन्दों को उनके काम में ताक़त और सबूत देता है। जब अल्लाह किसी को अपने दीन (धर्म) की तरफ़ बुलाने के लिए भेजता है, तो वह उसे ऐसी निशानियाँ और सबूत देता है जो दिलों को रोशनी देती हैं। यह हमारे लिए भी एक पैग़ाम है कि अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि वही है जो अपने बन्दों को इज़्ज़त देता है और उनके रास्ते आसान करता है।

याद रखें, अल्लाह की निशानियाँ सिर्फ़ उस वक़्त की नहीं थीं, बल्कि आज भी अल्लाह की बनाई हुई हर चीज़—आसमान, ज़मीन, चाँद-सूरज, पहाड़, समुन्दर—उसकी बड़ी निशानियाँ हैं। जो इन पर ग़ौर करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह की अज़मत के सामने सर झुकाता है। हमें चाहिए कि हम इन निशानियों पर ध्यान दें और अपने रब की इबादत में मशग़ूल रहें।



📜 आयत 21-25 — सूरा ताहा

21قَالَ خُذْهَا وَلَا تَخَفْ ۖ سَنُعِيدُهَا سِيرَتَهَا الْأُولَىٰ
तो फ़रमाया कि तुम इसको पकड़ लो और डरो नहीं मैं अभी इसकी पहली सी सूरत फिर किए देता हूँ
22وَاضْمُمْ يَدَكَ إِلَىٰ جَنَاحِكَ تَخْرُجْ بَيْضَاءَ مِنْ غَيْرِ سُوءٍ آيَةً أُخْرَىٰ
और अपने हाथ को समेंट कर अपने बग़ल में तो कर लो (फिर देखो कि) वह बग़ैर किसी बीमारी के सफेद चमकता दमकता हुआ निकलेगा ये दूसरा मौजिज़ा है
23لِنُرِيَكَ مِنْ آيَاتِنَا الْكُبْرَى
(ये) ताकि हम तुमको अपनी (कुदरत की) बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाएँ
24اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
अब तुम फिरऔन के पास जाओ उसने बहुत सर उठाया है
25قَالَ رَبِّ اشْرَحْ لِي صَدْرِي
मूसा ने अर्ज़ की परवरदिगार (मैं जाता तो हूँ)
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
23आयत

अनुवाद — ताहा 23

सूरा ताहा आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) ताकि हम तुमको अपनी (कुदरत की) बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाएँ

सूरा आयत 23/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.





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Saturday, October 3, 2026

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