ताहा · 22/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
وَاضْمُمْ يَدَكَ إِلَىٰ جَنَاحِكَ تَخْرُجْ بَيْضَاءَ مِنْ غَيْرِ سُوءٍ آيَةً أُخْرَىٰ ۝٢٢
Wadmum yadaka ilaa janaahika takhruj baidaaa`a min ghairi sooo`in Aayatan ukhraa
📖 हिंदी अर्थ
और अपने हाथ को समेंट कर अपने बग़ल में तो कर लो (फिर देखो कि) वह बग़ैर किसी बीमारी के सफेद चमकता दमकता हुआ निकलेगा ये दूसरा मौजिज़ा है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَاضْمُمْ يَدَكَ – अपना हाथ मिला लो (बगल में दबा लो)
  • إِلَى جَنَاحِكَ – अपनी बगल की तरफ (कंधे के नीचे)
  • تَخْرُجْ بَيْضَاءَ – वह निकलेगा सफेद (चमकता हुआ)
  • مِنْ غَيْرِ سُوءٍ – बिना किसी बुराई (बिना कोढ़ या बीमारी के)
  • آيَةً أُخْرَى – एक और निशानी (महान चमत्कार)

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को दो बड़े मोजिज़े (चमत्कार) अता किए थे, ताकि वे फिरौन के सामने पेश कर सकें। पहला मोजिज़ा असा (लाठी) का सांप बनना था, और दूसरा मोजिज़ा यह है कि अल्लाह ने फरमाया: "अपना हाथ अपनी बगल में दबा लो, यानी उसे कंधे के नीचे रख लो, और जब निकालोगे तो वह बिना किसी बीमारी या कोढ़ के चमकता हुआ सफेद निकलेगा।" यह एक और निशानी थी जो मूसा (अलैहिस्सलाम) की सच्चाई को साबित करने के लिए काफी थी।

यह मोजिज़ा इसलिए दिया गया ताकि फिरौन और उसकी कौम यह देख ले कि यह कोई जादूगर नहीं, बल्कि अल्लाह का भेजा हुआ नबी है। जादूगर अपनी कला से ऐसा कुछ नहीं कर सकते थे। यह रौशनी अल्लाह की कुदरत का नमूना थी, जो किसी इंसान के बस की बात नहीं।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह अपने नबियों को ज़रूरत के हिसाब से मोजिज़े देता है, ताकि लोगों पर हुज्जत क़ायम हो जाए। और जब अल्लाह किसी को नबी बनाता है, तो उसे वो ताकत और निशानियाँ देता है जो उसके दावे की तस्दीक करती हैं। हमें भी अल्लाह के नबियों पर ईमान लाना चाहिए और उनकी सच्चाई को कबूल करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।

यह मोजिज़ा हमें यह भी सिखाता है कि अल्लाह की कुदरत के आगे हर चीज़ मुमकिन है। जिस तरह हाथ सफेद चमकता हुआ निकला, उसी तरह अल्लाह हर मुश्किल को आसान कर सकता है। हमें अपने जीवन में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी रहमत से उम्मीद नहीं खोनी चाहिए। जब हम अल्लाह के हुक्म पर चलते हैं, तो वह हमें ऐसे रास्ते दिखाता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता।

🎧 सुनें

📜 आयत 20-24 — ताहा

20فَأَلْقَاهَا فَإِذَا هِيَ حَيَّةٌ تَسْعَىٰ
तो फ़ौरन वह साँप बनकर दौड़ने लगा (ये देखकर मूसा भागे)
21قَالَ خُذْهَا وَلَا تَخَفْ ۖ سَنُعِيدُهَا سِيرَتَهَا الْأُولَىٰ
तो फ़रमाया कि तुम इसको पकड़ लो और डरो नहीं मैं अभी इसकी पहली सी सूरत फिर किए देता हूँ
22وَاضْمُمْ يَدَكَ إِلَىٰ جَنَاحِكَ تَخْرُجْ بَيْضَاءَ مِنْ غَيْرِ سُوءٍ آيَةً أُخْرَىٰ
और अपने हाथ को समेंट कर अपने बग़ल में तो कर लो (फिर देखो कि) वह बग़ैर किसी बीमारी के सफेद चमकता दमकता हुआ निकलेगा ये दूसरा मौजिज़ा है
23لِنُرِيَكَ مِنْ آيَاتِنَا الْكُبْرَى
(ये) ताकि हम तुमको अपनी (कुदरत की) बड़ी-बड़ी निशानियाँ दिखाएँ
24اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
अब तुम फिरऔन के पास जाओ उसने बहुत सर उठाया है
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
22आयत

अनुवाद — ताहा 22

सूरा ताहा आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने हाथ को समेंट कर अपने बग़ल में तो…

सूरा आयत 22/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए