अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- तनीया (تَنِيَا): कमज़ोर मत पड़ना, ढीले मत पड़ना, आलस्य न करना।
- ज़िक्र (ذِكْر): याद करना, स्मरण करना — यहाँ अर्थ है अल्लाह की तस्बीह, तहलील, उसकी हम्द और उसी से मदद माँगना।
तफ़सीर:
ऐ मूसा! तुम और तुम्हारे भाई हारून — दोनों मेरी निशानियों के साथ जाओ। ये वो नौ बड़ी निशानियाँ हैं जो मेरी क़ुदरत, मेरी वहदानियत (एकता) और तुम्हारी रिसालत (पैग़म्बरी) की सच्चाई को साबित करती हैं। ये निशानियाँ सिर्फ़ दिखाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सीधे रास्ते पर लाने का ज़रिया हैं।
अल्लाह ने मूसा और हारून को एक साथ भेजा — ये इस बात की तालीम है कि दावत-ए-दीन (धर्म की पुकार) में भाईचारा, आपसी सहयोग और एकजुटता कितनी ज़रूरी है। अकेले नहीं, बल्कि मिलकर काम करने से दावत ज़्यादा असरदार होती है।
फिर अल्लाह ने फ़रमाया: "और मेरे ज़िक्र में ढीले मत पड़ना।" यानी मेरी याद में कभी कमज़ोरी न आने पाए, न तुम्हारे दिलों से मेरी मुहब्बत घटे, न तुम्हारी ज़ुबान से मेरा नाम रुके। जब तुम फ़िरऔन के सामने जाओ — जो अपनी सरकशी में हद से गुज़र चुका है — तो उसके सामने भी मेरा ज़िक्र जारी रखो। मेरी याद ही तुम्हारी ताक़त है, मेरी याद ही तुम्हारी ढाल है।
ये हुक्म सिर्फ़ मूसा और हारून के लिए नहीं, बल्कि हर दावत-दार (पुकारने वाले) और हर मोमिन के लिए एक सबक़ है — काम चाहे कितना भी बड़ा हो, मुश्किल चाहे कितनी भी हो, अल्लाह का ज़िक्र कभी न छूटे। जो ज़िक्र में डटा रहता है, अल्लाह उसे कामयाबी देता है।
और याद रखो — जब अल्लाह तुम्हें किसी काम पर भेजता है, तो वो तुम्हें अकेला नहीं छोड़ता। वो तुम्हारे साथ होता है, तुम्हें ताक़त देता है, और तुम्हारे कदमों को मज़बूत करता है। बस ज़रूरत है तो सिर्फ़ उसकी याद में जुड़े रहने की, और उसके भरोसे पर चलने की।
📜 आयत 40-44 — ताहा
अनुवाद — ताहा 42
सूरा ताहा आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम अपने भाई समैत हमारे मौजिज़े लेकर जाओ और (देखो)…सूरा आयत 42/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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