अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاصْطَنَعْتُكَ: मैंने तुम्हें अपने लिए चुना, विशेष रूप से तैयार किया और अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) के लिए पसंद किया।
- لِنَفْسِي: अपने लिए, यानी अपनी ख़ास इबादत, अपने पैग़ाम के प्रचार और अपने आदेशों के पालन के लिए।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मूसा (अलैहिस्सलाम)! मैंने तुम्हें अपनी विशेष रहमत से नवाज़ा और तुम्हें अपनी रिसालत के लिए चुना। यह कोई साधारण चयन नहीं था, बल्कि मैंने तुम्हें अपने लिए ख़ास बनाया—तुम्हारी परवरिश, तुम्हारी हिफ़ाज़त और तुम्हारी तैयारी सब कुछ मेरी निगरानी में हुई। मैंने तुम्हें अपना पैग़म्बर बनाया, ताकि तुम मेरा पैग़ाम लोगों तक पहुँचाओ, उन्हें मेरे आदेशों की तालीम दो और उन्हें मेरी इबादत की तरफ़ बुलाओ। यह एक ऐसा शरफ़ (सम्मान) है जो किसी आम इंसान को नहीं मिलता—यह ख़ुद अल्लाह की तरफ़ से एक ख़ास इनायत है।
यहाँ अल्लाह तआला मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह बताना चाहते हैं कि तुम्हारा चुनाव मेरी मर्ज़ी से हुआ है, और मैंने तुम्हें अपनी रिसालत के लिए तैयार किया है। यह चुनाव तुम्हारी अपनी ख़्वाहिश से नहीं, बल्कि मेरे इल्म और हिकमत (बुद्धिमत्ता) से हुआ है। मैंने तुम्हें अपने कलाम (बात) का हामिल (वाहक) बनाया, ताकि तुम मेरे बंदों को मेरी तरफ़ बुलाओ और उन्हें ज़ुल्म और गुमराही से निकालकर हक़ और हिदायत की राह दिखाओ।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह तआला जिसे चाहता है, अपनी ख़ास रहमत से नवाज़ता है और उसे अपने दीन की खिदमत के लिए चुन लेता है। यह चुनाव अल्लाह की तरफ़ से एक बहुत बड़ी नेमत है, जो उसे मिलती है जो अल्लाह की राह में सब्र और इख़्लास (निष्ठा) के साथ जुड़ जाता है। हमें भी चाहिए कि अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें अपने दीन की खिदमत करने की तौफ़ीक़ दे, और हमें उन लोगों में शामिल करे जिन्हें उसने अपने लिए चुना है। यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रज़ा (खुशी) ही सबसे बड़ी कामयाबी है, और जो अल्लाह के क़रीब हो जाता है, अल्लाह उसे अपनी ख़ास निगरानी और हिफ़ाज़त में ले लेता है।
📜 आयत 39-43 — ताहा
अनुवाद — ताहा 41
सूरा ताहा आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मैंने तुमको अपनी रिसालत के वास्ते मुन्तख़िब कियासूरा आयत 41/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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