अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अल-हर्स (الْحَرْثِ): खेती या बगीचा, जिसमें फसलें लगी हों।
- नफ़शत (نَفَشَتْ): भेड़ों का रात के समय बिना चरवाहे के खेत में फैल जाना और उसे नुकसान पहुँचाना।
- शाहिदीन (شَاهِدِينَ): देखने वाले, जानने वाले, जिनसे कोई बात छिपी न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप दाऊद (अलैहिस्सलाम) और उनके बेटे सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के उस फ़ैसले को याद करें, जब वे एक खेत के मामले में न्याय कर रहे थे। दरअसल हुआ यूँ कि कुछ लोगों की भेड़ें रात के समय बिना चरवाहे के एक खेत में घुस गईं और उसे चर गईं, जिससे खेत की फसल बर्बाद हो गई। यह मामला दाऊद (अलैहिस्सलाम) के पास पेश किया गया। उन्होंने फ़ैसला सुनाया कि खेत का मालिक उन भेड़ों को अपने कब्ज़े में ले ले, क्योंकि भेड़ों की कीमत खेत के नुकसान के बराबर थी। यह एक न्यायसंगत फ़ैसला था। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम उन दोनों के फ़ैसले के गवाह थे, यानी हमारे इल्म से उनका कोई फ़ैसला छिपा नहीं था, और हम उन्हें सही रास्ता दिखाने वाले थे।
इस घटना में हमारे लिए बड़ी सीख है कि न्याय और इंसाफ़ कितना अहम है। अल्लाह तआला अपने नबियों के ज़रिए हमें सिखाता है कि हर मामले में सच्चाई और इंसाफ़ पर क़ायम रहना चाहिए। साथ ही, यह भी पता चलता है कि अल्लाह तआला अपने बंदों के हर अच्छे काम को देखता है और उसकी क़द्र करता है। जो लोग इंसाफ़ करते हैं, अल्लाह उन्हें हिकमत (समझदारी) और सही फ़ैसले की तौफ़ीक़ देता है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी में इंसाफ़ को अपनाएँ, चाहे मामला कितना भी पेचीदा हो, क्योंकि अल्लाह इंसाफ़ करने वालों से मुहब्बत करता है। यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि इल्म और हिकमत अल्लाह की तरफ़ से नेमत है, और जो अल्लाह से डरता है और सच्चाई पर चलता है, अल्लाह उसे और समझ और बेहतरीन फ़ैसले की क़ुदरत अता फ़रमाता है।
📜 आयत 76-80 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 78
सूरा अल-अंबिया आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल इनको) दाऊद और सुलेमान का (वाक्या याद…सूरा आयत 78/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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