Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَفَهَّمْنَاهَا: हमने उसे समझा दिया (अर्थात् उस न्यायिक मामले का सही निर्णय सुलैमान को समझा दिया)।
- حُكْمًا: नबुव्वत, न्याय-निर्णय की शक्ति और समझ।
- عِلْمًا: धार्मिक ज्ञान और मामलों की गहरी समझ।
- سَخَّرْنَا: हमने वश में कर दिया, अधीन कर दिया।
- يُسَبِّحْنَ: (पहाड़) तस्बीह पढ़ते थे, अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करते थे।
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत हमें नबी दाऊद (अलैहिस्सलाम) और उनके बेटे नबी सुलैमान (अलैहिस्सलाम) के एक अद्भुत न्यायिक प्रसंग से अवगत कराती है। एक बार कुछ लोगों की भेड़ों ने रात में किसी की खेती को चर डाला और उसे बर्बाद कर दिया। यह मामला नबी दाऊद के पास फैसले के लिए लाया गया। नबी दाऊद ने फैसला सुनाया कि खेती का मालिक भेड़ों को ले ले, क्योंकि खेती की क्षति भेड़ों के मूल्य के बराबर थी। लेकिन अल्लाह ने अपने विशेष ज्ञान और समझ से यह मामला नबी सुलैमान को समझाया, और उन्होंने एक अधिक न्यायपूर्ण और कल्याणकारी फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि खेती का मालिक भेड़ों को ले ले और उनके दूध, ऊन और बच्चों से लाभ उठाए, और भेड़ों के मालिक को खेती की ज़मीन दे दी जाए ताकि वह उसे दोबारा आबाद करे। जब खेती पहले जैसी हो जाए, तो दोनों अपनी-अपनी चीज़ें वापस ले लें। यह फैसला दोनों पक्षों के लिए न्याय और भलाई पर आधारित था। अल्लाह ने दाऊद और सुलैमान दोनों को नबुव्वत, न्याय-निर्णय की शक्ति और गहरा ज्ञान प्रदान किया था, और उन्हें विशेष सम्मान दिया था।
इसके अलावा, अल्लाह ने नबी दाऊद को एक और महान नेमत दी—पहाड़ों और पक्षियों को उनके अधीन कर दिया। ये सब उनके साथ मिलकर अल्लाह की तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करते थे। यह एक चमत्कार था जो अल्लाह की कुदरत और दाऊद की उच्च स्थिति को दर्शाता है। अल्लाह ने यह सब अपनी इच्छा और शक्ति से किया, और वह हर उस काम को करने पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है जो वह चाहता है।
दावत और सीख:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को ज्ञान, समझ और न्याय की शक्ति प्रदान करता है। न्याय करते समय हमें गहरी समझ और दूरदर्शिता का परिचय देना चाहिए, ताकि दोनों पक्षों का भला हो सके। अल्लाह ने अपने नबियों को जो विशेष नेमतें दीं, वे हमारे लिए नमूना हैं कि हम भी अल्लाह से ज्ञान और समझ की दुआ करें। साथ ही, पहाड़ों और पक्षियों का तस्बीह करना हमें याद दिलाता है कि पूरी कायनात अल्लाह की तस्बीह करती है, और हमें भी अपने जीवन में अल्लाह की याद और उसकी इबादत को अपना मुख्य कार्य बनाना चाहिए। यह आयत हमें न्याय, ज्ञान और अल्लाह की कुदरत पर गहरा ईमान रखने की प्रेरणा देती है।
📜 आयत 77-81 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 79
सूरा अल-अंबिया आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हमने सुलेमान को (इसका सही फ़ैसला समझा दिया) और…सूरा आयत 79/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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