अल-हज · 23/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا ۖ وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ ۝٢٣
Innal laaha yudkhilul lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati jannaatin tajree min tahtihal anhaaru yuhallawna feehaa min asaawira min zahabinw wa lu`lu`aa; wa libaasuhum feehaa hareer
📖 हिंदी अर्थ
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम भी किए उनको खुदा बेहश्त के ऐसे हरे-भरे बाग़ों में दाख़िल फरमाएगा जिनके नीचे नहरे जारी होगी उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती (के हार) से सँवारा जाएगा और उनका लिबास वहाँ रेशमी होगा
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • असाविर (أساور): सोने के कंगन, जो हाथों में पहने जाते हैं।
  • लुलु (لؤلؤ): मोती, जो समुद्र से निकलते हैं।
  • हरीर (حرير): रेशम, जो जन्नत में ईमानवालों का वस्त्र होगा।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपने ईमानवाले और नेक अमल करने वाले बंदों को ऐसी जन्नतों में दाखिल करेगा, जिनके नीचे नहरें बहती होंगी। यह जन्नतें ऐसी हैं जिनकी नेमतें कभी खत्म नहीं होंगी और न ही उनमें कोई कमी आएगी। वहाँ उन्हें सोने के कंगन और मोतियों से सजाया जाएगा — यह उनके सम्मान और इज़्ज़त की निशानी होगी। और उनका पहनावा रेशम (हरीर) का होगा, जो आराम और खूबसूरती की अंतिम मंज़िल है।

यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो अल्लाह पर ईमान लाते हैं और अपने जीवन को नेक अमल से सजाते हैं। अल्लाह उन्हें ऐसा इनाम देगा जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना, और किसी दिल ने नहीं सोचा। जन्नत की यह ज़िंदगी सिर्फ़ आराम और खुशी ही नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसकी मुहब्बत का नतीजा है।

इस आयत से हमें सबक मिलता है कि दुनिया की चमक-दमक और सजावट अस्थायी है, जबकि जन्नत की सजावट हमेशा रहने वाली है। ईमान और नेक अमल ही वह रास्ता है जो हमें इस अज़ीम इनाम तक पहुँचाता है। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सच्चे ईमान और नेक अमल की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जिनके लिए यह खुशखबरी है। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 21-25 — अल-हज

21وَلَهُم مَّقَامِعُ مِنْ حَدِيدٍ
और उनके (मारने के) लिए लोहे के गुर्ज़ होंगे
22كُلَّمَا أَرَادُوا أَن يَخْرُجُوا مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا فِيهَا وَذُوقُوا عَذَابَ الْحَرِيقِ
कि जब सदमें के मारे चाहेंगे कि दोज़ख़ से निकल भागें तो (ग़ुर्ज मार के) फिर उसके अन्दर ढकेल दिए जाएँगे और (उनसे कहा जाएगा कि) जलाने वाले अज़ाब के मज़े चखो
23إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا ۖ وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम भी किए उनको खुदा बेहश्त के ऐसे हरे-भरे बाग़ों में दाख़िल फरमाएगा जिनके नीचे नहरे जारी होगी उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती (के हार) से सँवारा जाएगा और उनका लिबास वहाँ रेशमी होगा
24وَهُدُوا إِلَى الطَّيِّبِ مِنَ الْقَوْلِ وَهُدُوا إِلَىٰ صِرَاطِ الْحَمِيدِ
और (ये इस वजह से कि दुनिया में) उन्हें अच्छी बात (कलमाए तौहीद) की हिदायत की गई और उन्हें सज़ावारे हम्द (खुदा) का रास्ता दिखाया गया
25إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ اللَّهِ وَالْمَسْجِدِ الْحَرَامِ الَّذِي جَعَلْنَاهُ لِلنَّاسِ سَوَاءً الْعَاكِفُ فِيهِ وَالْبَادِ ۚ وَمَن يُرِدْ فِيهِ بِإِلْحَادٍ بِظُلْمٍ نُّذِقْهُ مِنْ عَذَابٍ أَلِيمٍ
बेशक जो लोग काफिर हो बैठे और खुदा की राह से और मस्जिदें मोहतरम (ख़ानए काबा) से जिसे हमने सब लोगों के लिए (माबद) बनाया है (और) इसमें शहरी और बेरूनी सबका हक़ बराबर है (लोगों को) रोकते हैं (उनको) और जो शख्स इसमें शरारत से गुमराही करे उसको हम दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखा देंगे
अल-हजकुरान सूची
78आयत
मदनीRevelation
23आयत

अनुवाद — अल-हज 23

सूरा अल-हज आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम भी…

सूरा आयत 23/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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