अल-हज · 24/78
अनुवाद उच्चारण — अल-हज
وَهُدُوا إِلَى الطَّيِّبِ مِنَ الْقَوْلِ وَهُدُوا إِلَىٰ صِرَاطِ الْحَمِيدِ ۝٢٤
Wa hudooo ilat taiyibi minal qawli wa hudooo ilaaa siraatil hameed
📖 हिंदी अर्थ
और (ये इस वजह से कि दुनिया में) उन्हें अच्छी बात (कलमाए तौहीद) की हिदायत की गई और उन्हें सज़ावारे हम्द (खुदा) का रास्ता दिखाया गया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَهُدُوا: उन्हें मार्गदर्शन दिया गया।
  • الطَّيِّبِ مِنَ الْقَوْلِ: अच्छी और पवित्र बातें, जैसे कलमा (ला इलाहा इल्लल्लाह), तकबीर, तहमीद (अल्हम्दुलिल्लाह)।
  • صِرَاطِ الْحَمِيدِ: उस मार्ग की ओर जो प्रशंसनीय है, अर्थात इस्लाम का मार्ग जो जन्नत तक पहुँचाता है। "अल-हमीद" अल्लाह का गुण है, जो अपने सभी कार्यों में प्रशंसा के योग्य है।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन नेक लोगों के बारे में बताती है जिन्हें अल्लाह ने दुनिया में अच्छी बातें बोलने की तौफीक दी। उन्होंने अपनी ज़ुबान से सच्चाई, तौहीद (एकेश्वरवाद) और अल्लाह की प्रशंसा के कलमों को जारी रखा। उन्होंने झूठ, ग़ीबत और बुरी बातों से परहेज़ किया और अपनी ज़ुबान को अल्लाह की याद और अच्छे वचनों से सजाया। यही नहीं, अल्लाह ने उन्हें सीधे रास्ते की ओर भी मार्गदर्शन दिया — वह रास्ता जो इस्लाम है, जो नेकियों और अच्छे आचरण से भरा है, और जो उन्हें जन्नत की ओर ले जाता है। यह मार्गदर्शन अल्लाह की ओर से है, जो सबसे प्रशंसनीय है, क्योंकि उसके सभी फैसले और कार्य बुद्धिमत्ता और भलाई पर आधारित हैं।

इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जो लोग दुनिया में अच्छी बातें बोलते हैं और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलते हैं, अल्लाह उन्हें आख़िरत में भी अच्छे अंजाम तक पहुँचाएगा। वे जन्नत में दाखिल होंगे, जहाँ उनका स्वागत सलाम और प्रशंसा के साथ होगा। यह अल्लाह की रहमत और कृपा है कि वह अपने बंदों को दुनिया में सीधा रास्ता दिखाता है और आख़िरत में उन्हें सबसे अच्छा बदला देता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह हर उस व्यक्ति का मार्गदर्शन करता है जो सच्चाई और अच्छाई की तलाश में हो। यदि हम अपनी ज़ुबान को अच्छी बातों से सजाएँ और अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, तो अल्लाह हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह हमें दुनिया में अच्छा जीवन देता है और आख़िरत में जन्नत की नेमतें प्रदान करता है। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह का मार्गदर्शन उनके लिए है जो उसकी ओर रुख करते हैं। आइए, हम अपनी ज़ुबान को झूठ, ग़ीबत और बुरी बातों से बचाएँ और उसे अल्लाह की याद, तौहीद और अच्छे वचनों से सजाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको इस तौफीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 22-26 — अल-हज

22كُلَّمَا أَرَادُوا أَن يَخْرُجُوا مِنْهَا مِنْ غَمٍّ أُعِيدُوا فِيهَا وَذُوقُوا عَذَابَ الْحَرِيقِ
कि जब सदमें के मारे चाहेंगे कि दोज़ख़ से निकल भागें तो (ग़ुर्ज मार के) फिर उसके अन्दर ढकेल दिए जाएँगे और (उनसे कहा जाएगा कि) जलाने वाले अज़ाब के मज़े चखो
23إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا ۖ وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ
जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम भी किए उनको खुदा बेहश्त के ऐसे हरे-भरे बाग़ों में दाख़िल फरमाएगा जिनके नीचे नहरे जारी होगी उन्हें वहाँ सोने के कंगन और मोती (के हार) से सँवारा जाएगा और उनका लिबास वहाँ रेशमी होगा
24وَهُدُوا إِلَى الطَّيِّبِ مِنَ الْقَوْلِ وَهُدُوا إِلَىٰ صِرَاطِ الْحَمِيدِ
और (ये इस वजह से कि दुनिया में) उन्हें अच्छी बात (कलमाए तौहीद) की हिदायत की गई और उन्हें सज़ावारे हम्द (खुदा) का रास्ता दिखाया गया
25إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا وَيَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ اللَّهِ وَالْمَسْجِدِ الْحَرَامِ الَّذِي جَعَلْنَاهُ لِلنَّاسِ سَوَاءً الْعَاكِفُ فِيهِ وَالْبَادِ ۚ وَمَن يُرِدْ فِيهِ بِإِلْحَادٍ بِظُلْمٍ نُّذِقْهُ مِنْ عَذَابٍ أَلِيمٍ
बेशक जो लोग काफिर हो बैठे और खुदा की राह से और मस्जिदें मोहतरम (ख़ानए काबा) से जिसे हमने सब लोगों के लिए (माबद) बनाया है (और) इसमें शहरी और बेरूनी सबका हक़ बराबर है (लोगों को) रोकते हैं (उनको) और जो शख्स इसमें शरारत से गुमराही करे उसको हम दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखा देंगे
26وَإِذْ بَوَّأْنَا لِإِبْرَاهِيمَ مَكَانَ الْبَيْتِ أَن لَّا تُشْرِكْ بِي شَيْئًا وَطَهِّرْ بَيْتِيَ لِلطَّائِفِينَ وَالْقَائِمِينَ وَالرُّكَّعِ السُّجُودِ
और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब हमने इबराहीम के ज़रिये से इबरहीम के वास्ते ख़ानए काबा की जगह ज़ाहिर कर दी (और उनसे कहा कि) मेरा किसी चीज़ को शरीक न बनाना और मेरे घर को तवाफ और क़याम और रूकू सुजूद करने वालों के वास्ते साफ सुथरा रखना
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अनुवाद — अल-हज 24

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Tuesday, August 18, 2026

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