Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَكُمْ فِيهَا مَنَافِعُ: इन (क़ुरबानी के जानवरों) में तुम्हारे लिए फ़ायदे हैं।
- إِلَىٰ أَجَلٍ مُّسَمًّى: एक निश्चित समय तक।
- مَحِلُّهَا: इनके ज़बह करने का स्थान।
- الْبَيْتِ الْعَتِيقِ: प्राचीन घर (काबा), जिसे अल्लाह ने आज़ाद किया है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने बंदों पर अपनी असीम रहमत और एहसान का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि क़ुरबानी के जानवरों (ऊँट, गाय, बकरी आदि) में तुम्हारे लिए कई फ़ायदे रखे गए हैं। इन फ़ायदों में दूध, ऊन, बाल, बच्चे (नस्ल) और सवारी करना शामिल है। तुम इनसे एक निश्चित समय तक यानी जब तक इन्हें हदी (क़ुरबानी) के लिए मख़सूस (नियत) न किया जाए, फ़ायदा उठा सकते हो। लेकिन जब तुम इन्हें अल्लाह के लिए हदी के तौर पर नियत कर दो, तो उसके बाद इनसे किसी भी प्रकार का फ़ायदा उठाना जायज़ नहीं है, सिवाय इसके कि ज़रूरत के वक़्त सवारी कर ली जाए, बशर्ते कि जानवर को कोई नुक़्सान न पहुँचे।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि इन जानवरों के ज़बह करने का स्थान "बैतुल अतीक" (काबा) तक है, यानी पूरा हरम (मक्का का पवित्र क्षेत्र) उनके ज़बह के लिए जायज़ है। यह बैतुल अतीक वह पवित्र घर है जिसे अल्लाह ने ज़ालिमों और सरकशों के क़ब्ज़े से आज़ाद किया है, और इसे हमेशा के लिए अपनी इबादत के लिए मख़सूस किया है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने अपने बंदों पर कितने एहसान किए हैं। उसने हमें ऐसे जानवर दिए जिनसे हमें कई तरह के फ़ायदे पहुँचते हैं, और साथ ही उन्हें क़ुरबानी के ज़रिए उसकी रज़ा हासिल करने का ज़रिया भी बनाया। यह इस बात की दलील है कि इस्लाम में न तो दुनिया को छोड़ना है और न ही आख़िरत को भूलना है, बल्कि दोनों का ही सही तालमेल रखना है। हमें चाहिए कि अल्लाह के इन एहसानों का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी के हर पहलू में उसकी रज़ा को मद्देनज़र रखें, ताकि दुनिया भी अच्छी हो और आख़िरत भी।
📜 आयत 31-35 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 33
सूरा अल-हज आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इन चार पायों में एक मुअय्युन मुद्दत तक तुम्हार…सूरा आयत 33/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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