अनुवाद — Tafsir
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है:
"फ़क़सीरुन मिन क़र्यतिन अहलकनाहा..."
यानी कितनी ही बस्तियाँ थीं जिन्हें हमने उनके कुफ्र और ज़ुल्म की वजह से हलाक कर दिया। वे बस्तियाँ अपने कुफ्र और सरकशी में डूबी हुई थीं, और अल्लाह का अज़ाब उन पर आ पड़ा। उनके घर आज इस हालत में हैं कि उनकी छतें गिर पड़ी हैं, दीवारें ढह गई हैं, और वे सब कुछ वीरान और सुनसान पड़े हैं। उनमें कोई बाशिंदा नहीं, कोई आवाज़ नहीं, सिर्फ़ खामोशी और तबाही का मंज़र है।
और कितने ही कुएँ हैं जो आज बेकार पड़े हैं। जिनमें पानी मौजूद है, मगर उन्हें खोदने वाले और इस्तेमाल करने वाले लोग नहीं हैं। वे लोग जो कभी उन कुओं से पानी निकालते थे, आज वे खुद मिट्टी में दफ़न हैं। और कितने ही ऊँचे और मज़बूत महल हैं जो चूने और पक्की ईंटों से बनाए गए थे, लेकिन उनकी शानो-शौकत और मज़बूती उनके मालिकों को अल्लाह के अज़ाब से न बचा सकी। वे महल आज खाली पड़े हैं, उनके रहने वाले कब्रों में उतर चुके हैं।
ये सब कुछ इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने अल्लाह के हुक्म को झुटलाया, उसके रसूलों को नकारा और ज़ुल्म और फ़साद पर अड़े रहे। अल्लाह ने जब चाहा उन्हें पकड़ लिया, और कोई उन्हें बचाने वाला नहीं था।
इस आयत में अल्लाह तआला हमें सबक़ सिखा रहा है कि दुनिया की ये चीज़ें — घर, कुएँ, महल — कोई क़ीमत नहीं रखतीं अगर इंसान का अल्लाह से ताल्लुक़ न हो। जो लोग अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ लेते हैं, उनकी तमाम दौलत और तामीरात उनके काम नहीं आतीं।
और ये भी याद रखने की बात है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है। वह जब किसी ज़ालिम क़ौम को पकड़ता है, तो उसे ऐसा पकड़ता है कि कोई बचाव नहीं होता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों पर चलें, उसकी नाफ़रमानी से बचें, और उस रास्ते पर चलें जो उसके प्यारे नबी ﷺ ने हमें दिखाया है। दुनिया की ये चीज़ें फ़ानी हैं, लेकिन अल्लाह की रज़ा और उसकी जन्नत हमेशा रहने वाली है। जो लोग अल्लाह की राह में नेकी करते हैं, उनके लिए ऐसा अंजाम है जो कभी ख़त्म नहीं होगा।
📜 आयत 43-47 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 45
सूरा अल-हज आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ कितनी बस्तियाँ हैं कि हम ने उन्हें बरबाद कर…सूरा आयत 45/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








