Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسِيرُوا – चलें-फिरें, यात्रा करें
- يَعْقِلُونَ – समझें, विचार करें
- تَعْمَى – अंधी हो जाती है
- الْأَبْصَارُ – आँखें (देखने की शक्ति)
- الْقُلُوبُ – दिल (समझने और विचार करने की जगह)
तफ़सीर (व्याख्या):
क्या ये मक्का के इनकार करने वाले लोग धरती पर चलते-फिरते नहीं हैं? क्या वे उन बस्तियों के खंडहरों को नहीं देखते जो उनसे पहले गुज़री हुई क़ौमों के हैं? वे क़ौमें जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और अल्लाह के आदेशों की अवहेलना की, और अंततः अल्लाह के अज़ाब का शिकार होकर तबाह हो गईं। क्या उनके पास ऐसे दिल नहीं हैं जिनसे वे सोच-समझकर सीख लें? क्या उनके पास ऐसे कान नहीं हैं जिनसे वे उन क़ौमों की दास्तानें सुनकर सबक़ हासिल करें?
यहाँ अल्लाह तआला हमें बताता है कि असली अंधापन आँखों का अंधापन नहीं है, बल्कि असली अंधापन दिलों का अंधापन है। आँखें तो देखती हैं, लेकिन अगर दिल में समझ और विचार की शक्ति न हो, तो देखना बेकार है। बहुत से लोग अपनी आँखों से सब कुछ देखते हैं, लेकिन उनके दिल अंधे होते हैं – वे न तो अल्लाह की निशानियों से सबक़ लेते हैं, न ही सच्चाई को पहचान पाते हैं।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी आँखें खुली हैं या बंद? हमारे दिल ज़िंदा हैं या मुर्दा? क्या हम उन लोगों की तरह हैं जो दुनिया की सैर करते हैं, लेकिन उनसे कोई सबक़ नहीं लेते? या फिर हम उन लोगों में से हैं जो हर निशानी में अल्लाह की क़ुदरत देखते हैं और अपने ईमान को मज़बूत करते हैं?
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बुलाती है कि हम अपनी आँखों से नहीं, बल्कि अपने दिलों से देखें। हर जगह अल्लाह की निशानियाँ बिखरी पड़ी हैं – पहाड़ों में, समुद्रों में, आसमान और ज़मीन की बनावट में, और इतिहास के पन्नों में। जो लोग इन निशानियों से सबक़ लेते हैं, वही सच्चे ईमान वाले हैं। अल्लाह हमें दिल की आँखें खोलने की तौफ़ीक़ दे, आमीन।
📜 आयत 44-48 — सूरा अल-हज
अनुवाद — अल-हज 46
सूरा अल-हज आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ये लोग रूए ज़मीन पर चले फिरे नहीं ताकि…सूरा आयत 46/78 — सूरा अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हज सुनें, सूरा अल-हज अनुवाद, सूरा अल-हज mp3, सूरा अल-हज pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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