अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुन्ज़लन – उतरने की जगह, उतारने का स्थान
- मुबारक – बरकत वाला, जिसमें भलाई और कल्याण हो
- ख़ैरुल मुन्ज़िलीन – उतारने वालों में सबसे अच्छा
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने अपने नबी नूह (अलैहिस्सलाम) को सिखाया कि जब वे कश्ती से उतरें तो यह दुआ पढ़ें: "ऐ मेरे रब! मुझे बरकत वाली जगह उतार, और तू ही सबसे अच्छा उतारने वाला है।"
यह दुआ सिर्फ़ नूह (अलैहिस्सलाम) के लिए नहीं थी, बल्कि अल्लाह ने अपने सभी बंदों को यह सिखाया है कि जब भी वे किसी नई जगह पर उतरें, सफ़र से वापस आएँ, या किसी नई मंज़िल पर पहुँचें, तो यह दुआ पढ़ें। इस दुआ में तीन बड़ी बातें हैं:
पहली: अल्लाह से अच्छी जगह और अच्छे हालात की दुआ करना। "मुन्ज़लन मुबारक" यानी ऐसी जगह जहाँ रहने में बरकत हो, आराम हो, सुरक्षा हो, और जो इंसान के लिए फ़ायदेमंद हो।
दूसरी: अल्लाह की तारीफ़ करना कि वह सबसे अच्छा उतारने वाला है। यानी जो अल्लाह जिस जगह उतारता है, वही सबसे अच्छी जगह होती है। इंसान चाहे कितनी भी अच्छी जगह चुने, अल्लाह की चुनी हुई जगह से बेहतर नहीं हो सकती।
तीसरी: यह दुआ इंसान को अल्लाह पर भरोसा करना सिखाती है। जब इंसान यह दुआ पढ़ता है, तो उसे यक़ीन होता है कि अल्लाह उसे हर बुराई से बचाएगा और उसके काम में बरकत देगा।
यह दुआ हमें सिखाती है कि हर काम की शुरुआत अल्लाह के नाम से करें और उससे भलाई की उम्मीद रखें। जो इंसान इस दुआ को पढ़ता है, अल्लाह उसके सफ़र को बरकत वाला बनाता है, उसके घर को सुकून वाला बनाता है, और उसके कामों में भलाई डालता है।
प्यारे भाइयो और बहनों! यह दुआ हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है। आइए, हम इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ। जब भी कहीं जाएँ, नई जगह पर उतरें, या अपने घर में दाख़िल हों, तो यह दुआ पढ़ें। यह दुआ हमारे लिए सुरक्षा, बरकत और अल्लाह की रहमत का ज़रिया बनेगी। अल्लाह हम सबको अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 27-31 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 29
सूरा अल-मोमिनुन आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और दुआ करो कि ऐ मेरे पालने वाले तू मुझको…सूरा आयत 29/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








