अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَآيَاتٍ – निशानियाँ, सबक, सीखने योग्य बातें।
- لَمُبْتَلِينَ – हम परीक्षा लेने वाले थे, आज़माने वाले थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के साथ जो कुछ हुआ – उन्हें नजात देना और काफ़िरों को डुबो देना – इसमें लोगों के लिए बड़ी निशानियाँ और सबक हैं। यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) असीम है, वह अपने नबियों की मदद करता है और उन्हें झुठलाने वालों को तबाह कर देता है। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी सीख है जो अल्लाह के रसूलों पर ईमान नहीं लाते।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हम अपने बंदों की परीक्षा लेते हैं – उनके पास रसूल भेजकर, ताकि सामने आ जाए कि कौन सच्चे दिल से ईमान लाता है और कौन नाफ़रमानी करता है। यह परीक्षा अल्लाह की सुन्नत (रीति) है जो हमेशा से चली आ रही है। जो लोग इस परीक्षा में कामयाब होते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है, और जो नाकाम होते हैं, उनके लिए अज़ाब का डर है।
यह आयत हमें सिखाती है कि इस दुनिया की ज़िंदगी इम्तिहान (परीक्षा) की जगह है। अल्लाह हमें अपने हुक्म मानने और अपने रसूल की पैरवी करने की तौफ़ीक़ दे। हमें नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के हालात से सबक लेना चाहिए कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम बहुत बुरा होता है, और उसकी फ़रमाबरदारी ही कामयाबी की कुंजी है। याद रखिए, अल्लाह हर हाल में हमारे साथ है, बशर्ते हम उसकी राह पर चलें और उसके दीन को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ। यही सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 28-32 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 30
सूरा अल-मोमिनुन आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि हसमें (हमारी क़ुदरत की) बहुत सी…सूरा आयत 30/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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