अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَغَيُّظًا: गुस्से की आवाज़, क्रोध से भरी हुई भयंकर आवाज़।
- وَزَفِيرًا: सीने से निकलने वाली गहरी और भयानक आवाज़, जैसे आग की लपटों की गड़गड़ाहट।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन जब जहन्नम की आग उन काफ़िरों और मुन्किरों को देखेगी जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के दीन को झुठलाया और उसके रसूलों की नाफ़रमानी की, तो वह उन्हें दूर से ही देख लेगी। और जब वे उसकी तरफ़ लाए जाएंगे, तो वह आग उन पर इस कदर ग़ुस्से से भड़केगी कि उसके अंदर से गुस्से की भयानक आवाज़ें और सीने से निकलने वाली ज़बरदस्त ज़फ़ीर (चिंघाड़) सुनाई देगी। यह आवाज़ इतनी दहशतनाक होगी कि उसे सुनते ही उनके दिल काँप उठेंगे और उन पर मौत की सियाही छा जाएगी।
यह आयत उन लोगों के लिए एक सख्त चेतावनी है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और उसके अज़ाब को दूर समझते हैं। वे भूल जाते हैं कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है और उसकी आग उन लोगों का इंतज़ार कर रही है जो उसकी रहमत से महरूम हैं। लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहीम है। उसने अपने बंदों के लिए तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। जो कोई भी अपने गुनाहों से तौबा करके उसकी तरफ़ रुजू करेगा, अल्लाह उसे माफ़ कर देगा और उसे इस भयानक अज़ाब से बचा लेगा। इसलिए ऐ इंसान! अभी भी वक़्त है, अपने रब की तरफ़ लौट आओ, उसकी रहमत को ग़नीमत समझो और उस आग से बचने की कोशिश करो जिसकी चिंघाड़ें दूर से ही सुनाई देने लगती हैं। अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है, और वह अपने तौबा करने वाले बंदों से बेहद मुहब्बत करता है।
📜 आयत 10-14 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 12
सूरा अल-फुरकान आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जब जहन्नुम इन लोगों को दूर से दखेगी तो (जोश…सूरा आयत 12/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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