Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَوَكَّلْ: भरोसा करो, अपने सारे मामले उसे सौंप दो।
- الْحَيِّ: वह ज़िंदा जिसमें पूर्ण जीवन हो, जो कभी न मरे।
- سَبِّحْ بِحَمْدِهِ: उसकी प्रशंसा के साथ उसे हर कमी और दोष से पाक (पवित्र) घोषित करो।
- خَبِيرًا: पूर्ण जानकार, जिससे कोई चीज़ छिपी न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! तुम अपने सारे मामलों में केवल उस अल्लाह पर भरोसा रखो जो सदैव ज़िंदा है, जिसे कभी मृत्यु नहीं आएगी। वही सच्चा भरोसा करने योग्य है, क्योंकि वह हमेशा बाक़ी रहने वाला है, उसकी ज़ात में जीवन की सारी कमालियाँ मौजूद हैं। उसके सिवा हर चीज़ फ़ना होने वाली है, इसलिए उसी पर तवक्कुल करना चाहिए।
साथ ही, उसकी प्रशंसा के साथ उसकी तस्बीह करो — यानी उसे हर उस चीज़ से पाक और मुबर्रा (पवित्र) जानो जो उसके शान के ख़िलाफ़ हो, और उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करते हुए उसकी इबादत करो। यह तस्बीह उसकी बड़ाई और पाकी का इज़हार है, और नमाज़ भी इसी में शामिल है।
और यह जान लो कि अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों से पूरी तरह ख़बर रखने वाला है। उससे उनके ज़ाहिरी और बातिनी (छिपे हुए) सारे काम छिपे नहीं हैं। वह हर छोटे-बड़े गुनाह से वाक़िफ़ है, और क़यामत के दिन वह हर बंदे को उसके किए हुए आमाल का पूरा-पूरा हिसाब देगा और उसके मुताबिक़ बदला या सज़ा देगा। यह एक सख़्त तनबीह (चेतावनी) है कि गुनाहों से बचो, क्योंकि सब कुछ उसकी नज़र में है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन की हर मुश्किल में अल्लाह ही पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही अमर है और उसकी मदद कभी ख़त्म नहीं होती। साथ ही, हमें अपनी ज़िंदगी को उसकी इबादत और तस्बीह में गुज़ारना चाहिए, और यह यक़ीन रखना चाहिए कि हमारे हर अमल से वह बाख़बर है — यही ईमान की निशानी है। जो शख्स इस हक़ीक़त को समझ ले, वह कभी गुनाह की तरफ नहीं बढ़ेगा और हमेशा अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ जीने की कोशिश करेगा।
📜 आयत 56-60 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 58
सूरा अल-फुरकान आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम उस (ख़ुदा) पर भरोसा रखो जो…सूरा आयत 58/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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