अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قُرَّةَ أَعْيُنٍ (क़ुर्रता आ'युन): आँखों की ठंडक — यानी वह चीज़ जिससे आँखें ठंडी हों और दिल को सुकून मिले। यह अभिव्यक्ति उस खुशी और संतोष के लिए आती है जो किसी प्रिय चीज़ को देखकर होती है।
- إِمَامًا (इमाम): नेता, अगुवा, जिसका अनुसरण किया जाए — यहाँ अर्थ है नेकी और परहेज़गारी में लोगों के लिए नमूना और रहनुमा बनना।
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों की खूबियाँ बयान कर रही है जो अल्लाह के सच्चे बंदे हैं। ये लोग अपनी दुआओं में अल्लाह से यह माँगते हैं कि "ऐ हमारे रब! हमें हमारी पत्नियों और हमारी संतानों से आँखों की ठंडक अता फ़रमा।" यानी वे यह दुआ करते हैं कि उनकी पत्नियाँ और बच्चे नेक, परहेज़गार, अल्लाह के फरमाँबरदार और सीधे रास्ते पर चलने वाले हों, ताकि जब वे उन्हें देखें तो उनकी आँखें ठंडी हों और दिलों को सुकून मिले। यह दुआ सिर्फ़ दुनिया की खुशहाली के लिए नहीं है, बल्कि इसका मतलब यह है कि उनकी औलाद और बीवियाँ उनके लिए आख़िरत में भी सरमाया-ए-नजात बनें।
फिर वे यह दुआ करते हैं: "और हमें परहेज़गारों के लिए इमाम बना दे।" यानी हमें ऐसा बना कि नेक और परहेज़गार लोग हमारे पीछे चलें, हमारी नक़्ल करें, और हम उनके लिए नेकी और भलाई में रहनुमा बनें। यह एक बहुत बड़ी मंज़िल है — इंसान यह चाहता है कि वह खुद तो नेक बने ही, साथ ही दूसरों के लिए भी नेकी का ज़रिया बने। यह दुआ सिखाती है कि मोमिन को अपनी ज़ाती इस्लाह के साथ-साथ अपने ख़ानदान की इस्लाह और समाज में नेकी फैलाने की फ़िक्र होती है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें चाहिए कि अपनी दुआओं में अपने परिवार की नेकी और हिदायत के लिए अल्लाह से माँगें, और यह भी चाहें कि हम दूसरों के लिए नेकी का नमूना बनें। यह दुआ हमें सिखाती है कि सच्ची कामयाबी सिर्फ़ दुनिया की दौलत और ओहदे में नहीं, बल्कि नेक औलाद, नेक बीवी और नेकी में पेशवा बनने में है। अल्लाह से यह दुआ माँगना हमारे ईमान की निशानी है कि हम जानते हैं कि सब कुछ उसी के हाथ में है — वही दिलों को हिदायत देता है, वही औलाद को नेक बनाता है, और वही हमें दूसरों के लिए मशाल-ए-राह बना सकता है।
यह आयत मोमिनों को यह भी तरग़ीब देती है कि वे अपने घरों को जन्नत की तरह बनाएँ — जहाँ अल्लाह का ज़िक्र हो, नेकी का माहौल हो, और आपसी मुहब्बत और इज़्ज़त हो। जब घर में नेकी होगी तो समाज में भी नेकी फैलेगी, और जब समाज में नेकी फैलेगी तो अल्लाह की रहमत और बरकत नाज़िल होगी। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 72-76 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 74
सूरा अल-फुरकान आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह लोग जो (हमसे) अर्ज़ करते हैं कि परवरदिगार…सूरा आयत 74/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








