अन-नमल · 2/93
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नमल
هُدًى وَبُشْرَىٰ لِلْمُؤْمِنِينَ ۝٢
Hudanw wa bushraa lil mu`mineen
📖 हिंदी अर्थ
(ये) उन ईमानदारों के लिए (अज़सरतापा) हिदायत और (जन्नत की) ख़ुशखबरी है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • هُدًى: मार्गदर्शन, सत्य मार्ग की ओर ले जाने वाला।
  • بُشْرَى: शुभ सूचना, खुशखबरी।
  • لِلْمُؤْمِنِينَ: उन लोगों के लिए जो ईमान लाए और अपने ईमान पर दृढ़ रहे।

तफ़सीर (व्याख्या):

ये आयतें (क़ुरआन की) सत्य मार्ग की ओर मार्गदर्शन करती हैं और भटकाव के अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाती हैं। यह उन मोमिनीन (ईमानवालों) के लिए खुशखबरी है जो इन्हें सच मानते हैं और इनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलते हैं। ये आयतें उन्हें दुनिया और आख़िरत की भलाई का रास्ता दिखाती हैं और उन्हें अच्छे प्रतिफल की शुभ सूचना देती हैं।

यह हिदायत (मार्गदर्शन) और खुशखबरी उन लोगों के लिए ख़ास है जो अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान रखते हैं। ये लोग अपने ईमान के अनुसार अमल करते हैं — वे पाँचों वक़्त की नमाज़ें पूरे अरकान (शर्तों) के साथ अदा करते हैं, फ़र्ज़ ज़कात उसके हक़दारों को देते हैं, और आख़िरत के दिन और उसमें होने वाले सवाब (इनाम) और अज़ाब (सज़ा) पर यक़ीन रखते हैं। यही लोग हैं जिनके लिए यह क़ुरआन रहनुमा और बशारत (खुशखबरी) बनता है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि ज़िंदगी का नक्शा है। जो इसे पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। यह हर उस दिल के लिए खुशखबरी है जो अल्लाह पर ईमान रखता है और उसके हुक्मों पर चलने की कोशिश करता है। अल्लाह ने इस किताब को हमारे लिए रहमत और हिदायत बनाया है — आइए, हम इसे पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों। यही असली कामयाबी है, और यही अल्लाह का वादा है अपने मोमिन बंदों से।



📜 आयत 1-4 — सूरा अन-नमल

1طس ۚ تِلْكَ آيَاتُ الْقُرْآنِ وَكِتَابٍ مُّبِينٍ
ता सीन ये क़ुरान वाजेए व रौशन किताब की आयतें है
2هُدًى وَبُشْرَىٰ لِلْمُؤْمِنِينَ
(ये) उन ईमानदारों के लिए (अज़सरतापा) हिदायत और (जन्नत की) ख़ुशखबरी है
3الَّذِينَ يُقِيمُونَ الصَّلَاةَ وَيُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُم بِالْآخِرَةِ هُمْ يُوقِنُونَ
जो नमाज़ को पाबन्दी से अदा करते हैं और ज़कात दिया करते हैं और यही लोग आख़िरत (क़यामत) का भी यक़ीन रखते हैं
4إِنَّ الَّذِينَ لَا يُؤْمِنُونَ بِالْآخِرَةِ زَيَّنَّا لَهُمْ أَعْمَالَهُمْ فَهُمْ يَعْمَهُونَ
इसमें शक नहीं कि जो लोग आखिरत पर ईमान नहीं रखते (गोया) हमने ख़ुद (उनकी कारस्तानियों को उनकी नज़र में) अच्छा कर दिखाया है
अन-नमलकुरान सूची
93आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अन-नमल 2

सूरा अन-नमल आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) उन ईमानदारों के लिए (अज़सरतापा) हिदायत और (जन्नत की)…

सूरा आयत 2/93 — सूरा अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नमल सुनें, सूरा अन-नमल अनुवाद, सूरा अन-नमल mp3, सूरा अन-नमल pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

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