अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَطِرَتْ مَعِيشَتَهَا: अपनी समृद्धि और सुख-सुविधाओं पर इतरा गई, नेमतों का घमंड करने लगी और उनका दुरुपयोग किया।
- لَمْ تُسْكَن مِّن بَعْدِهِمْ إِلَّا قَلِيلًا: उनके बाद उनके घरों में बहुत कम लोग आए, केवल राहगीर या मुसाफिर कुछ देर के लिए ठहरे।
- الْوَارِثِينَ: सब कुछ अपनी ओर ले लेने वाले, यानी अल्लाह ही अंततः सब कुछ का मालिक है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में हमें इतिहास का एक सबक सिखा रहे हैं। कितनी ही बस्तियाँ और सभ्यताएँ थीं जो अपनी खुशहाली, धन-दौलत और आराम-आराम की ज़िंदगी पर इतरा गईं। उन्होंने अल्लाह की नेमतों को भुला दिया, अपने पैग़म्बरों की बात न मानी, और अपनी शरारत व नाफ़रमानी में मग्न रहीं। जब उनका घमंड और ज़ुल्म हद से बढ़ गया, तो अल्लाह ने उन पर अपना अज़ाब भेजा और उन्हें तबाह कर दिया।
आज उनकी बस्तियाँ वीरान पड़ी हैं। उनके महल और घर खंडहर बन चुके हैं। उनके बाद कोई उनमें नहीं रहता, सिवाय कुछ राहगीरों के जो कुछ पल के लिए वहाँ ठहर जाते हैं। यही हाल उन लोगों का है जो अल्लाह की नेमतों का शुक्र नहीं करते और अपनी ताकत व दौलत पर घमंड करते हैं।
अल्लाह फ़रमाता है: "हम ही अंततः सब कुछ के वारिस हैं।" यानी जब सब लोग मर जाएँगे, सारी दौलत, सारी ज़मीन, सब कुछ अल्लाह ही के पास रहेगा। वही सब कुछ का मालिक है, और उसी की तरफ सबको लौटना है। यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है, यहाँ की नेमतें और सुख-सुविधाएँ किसी के काम नहीं आएँगी जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाएगा।
दावती पहलू (नसीहत):
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। हमें चाहिए कि अल्लाह की दी हुई नेमतों पर घमंड न करें, बल्कि उनका शुक्र अदा करें और उन्हें अल्लाह की राह में इस्तेमाल करें। हमारी दौलत, हमारी ज़िंदगी, हमारी ताकत — सब कुछ अल्लाह की देन है। जब वह चाहेगा, सब कुछ छीन लेगा। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत में गुज़ारना चाहिए, ताकि आख़िरत में हमें कामयाबी मिले। याद रखिए, यह दुनिया किसी के लिए भी हमेशा नहीं रही, और न ही रहेगी। अच्छे कर्म ही वह चीज़ हैं जो हमारे साथ आगे जाएँगे।
📜 आयत 56-60 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 58
सूरा अल-क़सस आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तो बहुतेरी बस्तियाँ बरबाद कर दी जो अपनी…सूरा आयत 58/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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