Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ثَوَابَ الدُّنْيَا: दुनिया का बदला और इनाम, जिसमें विजय, ग़नीमत (युद्ध में मिलने वाला धन) और धरती पर ताक़त शामिल है।
- حُسْنَ ثَوَابِ الْآخِرَةِ: आख़िरत का उत्तम बदला, यानी जन्नत और अल्लाह की रज़ा (खुशी)।
- الْمُحْسِنِينَ: एहसान करने वाले, यानी वे लोग जो अल्लाह की इबादत और उसकी मख़लूक़ (सृष्टि) के साथ भलाई में पूर्णता और खूबसूरती अपनाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन सब्र करने वाले मोमिनों का ज़िक्र कर रहा है, जिन्होंने जिहाद और अल्लाह के रास्ते में कठिनाइयों का सामना किया। अल्लाह ने उन्हें दोहरा इनाम दिया: एक दुनिया का इनाम, जिसमें उन्हें दुश्मनों पर फ़तह (विजय) दी, उन्हें ज़मीन में ताक़त और इख़्तियार अता किया, और ग़नीमत का माल दिया। दूसरा आख़िरत का उत्तम इनाम, जो उनके लिए अल्लाह की रज़ा, जन्नत के बाग़ और हमेशा रहने वाली नेमतें हैं। आख़िरत के इनाम को "حُسْنَ" (उत्तम) कहकर ख़ास तौर पर ज़ोर दिया गया है, क्योंकि वही असली और स्थायी इनाम है, जो दुनिया के इनाम से कहीं बेहतर और बड़ा है। फिर अल्लाह ने यह बताया कि वह मुहसिनीन (भलाई करने वालों) से मुहब्बत करता है, यानी वे लोग जो अपनी इबादत को ख़ालिस अल्लाह के लिए करते हैं और अपने आचरण में लोगों के साथ भलाई और नेकी का बर्ताव करते हैं।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह अपने सब्र करने वाले बंदों को दुनिया और आख़िरत दोनों में इनाम देता है, इसलिए मुसलमान को चाहिए कि वह मुश्किलों में सब्र करे और अल्लाह पर भरोसा रखे।
- आख़िरत का इनाम दुनिया के इनाम से बेहतर और पक्का है, इसलिए इंसान की नीयत और कोशिश का केंद्र आख़िरत की कामयाबी होनी चाहिए।
- अल्लाह की मुहब्बत पाने का रास्ता "एहसान" है — यानी इबादत में पूर्णता, अख़लाक़ में भलाई, और लोगों के साथ नेकी का बर्ताव। यही वह गुण है जो इंसान को अल्लाह का प्यारा बनाता है और उसे दुनिया व आख़िरत की भलाई तक पहुँचाता है।
📜 आयत 146-150 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 148
सूरा आल-इमरान आयत 148 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ने उनको दुनिया में बदला (दिया) और आख़िरत…सूरा आयत 148/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 146–150. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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