अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَنَّاتُ الْمَأْوَىٰ: वे जन्नतें जो ठहरने और रहने के लिए हों, यानी वह बाग़ जिनमें मोमिन हमेशा रहेंगे।
- نُزُلًا: मेहमानों के लिए तैयार की गई पेशकश या स्वागत-सत्कार, यानी अल्लाह की ओर से इज़्ज़त और करम के तौर पर दिया जाने वाला ठिकाना।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का इनाम बयान कर रहे हैं जो ईमान लाए और अच्छे काम किए। यानी जिन्होंने अल्लाह पर पूरा यकीन किया, उसके रसूल को माना, और अपने अमल को नेक बनाया — उनके लिए जन्नत के ऐसे बाग़ हैं जो उनके ठहरने के लिए तैयार किए गए हैं। यह जन्नतें सिर्फ़ उनके लिए हैं, और वहाँ वे हमेशा रहेंगे। अल्लाह ने इसे "नुज़ुल" (मेहमानी का सामान) कहा है, जैसे कोई मेज़बान अपने मेहमान के लिए बेहतरीन चीज़ें पेश करता है, उसी तरह अल्लाह अपने नेक बंदों के लिए यह जन्नतें इज़्ज़त और करम के तौर पर पेश करेगा। यह सब उनके उन अच्छे कामों का बदला है जो उन्होंने दुनिया में अल्लाह की रज़ा के लिए किए — नमाज़, रोज़ा, ज़कात, नेकी, सच्चाई, और लोगों के साथ भलाई। यह उनके अमल का फल है, लेकिन यह भी अल्लाह का फज़ल और करम है कि उसने उनके छोटे-छोटे नेक कामों को इतना बड़ा इनाम दिया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला कितना कृपालु और रहीम है। वह अपने बंदों के छोटे-छोटे अच्छे कामों को भी नहीं भूलता, बल्कि उन्हें ऐसा इनाम देता है जिसकी कोई उम्मीद नहीं कर सकता। जन्नत के यह बाग़, यह सुकून, यह खुशी — सब कुछ उन लोगों के लिए है जो ईमान लाए और अमल सुधारा। यह हमारे लिए एक प्यारा पैग़ाम है कि हम अपनी ज़िंदगी में ईमान को मज़बूत करें और अपने अमल को नेक बनाएँ। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसकी जन्नत का इंतज़ाम उन लोगों के लिए पहले से तैयार है जो उसकी राह पर चलते हैं। आओ, हम सब अपने अमल को बेहतर बनाएँ और इस महान इनाम के हक़दार बनने की कोशिश करें।
📜 आयत 17-21 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 19
सूरा अस-सजदा आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लेकिन जो लोग ईमान लाए और उन्होंने अच्छे अच्छे काम…सूरा आयत 19/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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