Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- फ़ासिक़: आज्ञा का उल्लंघन करने वाला, अवज्ञाकारी, पापी।
- ला यस्तवून: वे बराबर नहीं हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल पूछ रहे हैं — क्या वह व्यक्ति जो ईमान रखता है, अल्लाह और उसके रसूल की आज्ञा का पालन करता है, अच्छे कर्म करता है और अल्लाह के वादे और चेतावनी पर यक़ीन रखता है, वह उस व्यक्ति के बराबर हो सकता है जो अल्लाह की अवज्ञा करता है, उसके हुक्म से बाहर निकल जाता है, पापों में डूबा रहता है और आख़िरत के दिन को झुठलाता है? हरगिज़ नहीं! ये दोनों कभी बराबर नहीं हो सकते।
यहाँ अल्लाह ने सिर्फ़ एक मोमिन और एक फ़ासिक़ की बात नहीं की, बल्कि सभी मोमिनों और सभी फ़ासिक़ों का मुक़ाबला किया है। यानी पूरे ईमान वाले समूह और पूरे नाफ़रमान समूह के बीच कभी भी समानता नहीं हो सकती — न इस दुनिया में उनकी हैसियत में, न आख़िरत में उनके अंजाम में।
अल्लाह के यहाँ इंसाफ़ का पैमाना बिल्कुल साफ़ है। जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, उनके लिए जन्नत है, और जिन्होंने नाफ़रमानी की और गुनाहों में जीवन बिताया, उनके लिए जहन्नुम का अज़ाब है। अल्लाह कभी इन दोनों को एक दर्जे पर नहीं रखेगा, क्योंकि अल्लाह की रहमत भी इंसाफ़ पर क़ाइम है।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किस रास्ते पर चल रहे हैं। क्या हम ईमान वालों की सफ़ में हैं या फ़ासिक़ों की? यह फ़ैसला हमें खुद करना है, और यही फ़ैसला हमारी क़िस्मत का रुख़ तय करेगा। अल्लाह ने हमें आज़ादी दी है, लेकिन साथ ही यह भी बता दिया है कि हर काम का नतीजा उसके मुताबिक़ ही मिलेगा।
इसलिए प्यारे भाइयो और बहनो! हमें चाहिए कि हम ईमान की राह पर चलें, अल्लाह के हुक्मों का पालन करें और गुनाहों से बचें। यही वह रास्ता है जो हमें कामयाबी की मंज़िल तक पहुँचाएगा। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें सच्चे ईमान वालों में शामिल करे और हमें फ़ासिक़ों की सफ़ से दूर रखे। आमीन।
📜 आयत 16-20 — सूरा अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 18
सूरा अस-सजदा आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या जो शख़्श ईमानदार है उस शख़्श के बराबर…सूरा आयत 18/30 — सूरा अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-सजदा सुनें, सूरा अस-सजदा अनुवाद, सूरा अस-सजदा mp3, सूरा अस-सजदा pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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