Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- फ़ाहिशah (فَاحِشَةٍ) — खुला अश्लील काम, स्पष्ट पाप, बड़ी बुराई।
- मुबय्यिनah (مُبَيِّنَةٍ) — प्रकट, स्पष्ट, जो छिपी न हो।
- युज़ाफ़ (يُضَاعَفْ) — दोगुना किया जाए, बढ़ा दिया जाए।
- दिफ़्फ़ैन (ضِعْفَيْنِ) — दो गुना, दुगना।
- यसीरन (يَسِيرًا) — आसान, सहज।
तफ़सीर:
ऐ नबी की पत्नियों! तुम सामान्य औरतों की तरह नहीं हो। तुम्हारा मर्तबा बहुत ऊँचा है, और इसी ऊँचाई के कारण तुम पर ज़िम्मेदारी भी बहुत बड़ी है। अगर तुममें से कोई खुली बुराई करे — जैसे बदचलनी, सुशीलता में कमी, या कोई ऐसा काम जो अल्लाह और उसके रसूल ﷺ को नापसंद हो — तो उसे दो गुना अज़ाब दिया जाएगा। यानी सामान्य औरतों की सज़ा से दुगनी सज़ा। यह इसलिए है कि तुम्हारा दर्जा ऊँचा है, और ऊँचे दर्जे वालों से उम्मीद भी बड़ी होती है। जिस तरह एक आज़ाद औरत की ग़लती पर उस लौंडी से ज़्यादा सख़्ती बरती जाती है, उसी तरह नबी की पत्नियों की ग़लती पर आम औरतों से ज़्यादा सख़्ती होगी।
यह अज़ाब अल्लाह पर बिल्कुल आसान है — यानी अल्लाह की क़ुदरत के लिए इसमें कोई मुश्किल नहीं। वह जिसे चाहे सज़ा दे, और जिसे चाहे माफ़ कर दे। यह बात उन्हें डराने के लिए कही गई है ताकि वे अपने आपको हर बुराई से बचाए रखें।
लेकिन साथ ही, अल्लाह ने उनके लिए यह भी बताया है कि जिस तरह बुराई पर दो गुना सज़ा है, उसी तरह अच्छाई पर भी दो गुना अज्र (सवाब) है। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने उनके दर्जे के हिसाब से दोनों का हिसाब रखा है। यह बात उन्हें दोनों तरफ़ से सचेत करती है — डर भी और उम्मीद भी।
यह आयत हम सबके लिए सबक़ है कि जिसे अल्लाह ने जितना ऊँचा मर्तबा दिया है, उससे उतनी ही बड़ी ज़िम्मेदारी ली जाएगी। इसलिए हमें अपनी नेकियों पर नाज़ नहीं करना चाहिए, बल्कि हमेशा अल्लाह से डरते रहना चाहिए और अपने आपको बुराई से बचाते रहना चाहिए। अल्लाह इंसाफ़ करने वाला है, लेकिन वह रहम करने वाला भी है — जो कोई उसकी तरफ़ लौट आए, उसके लिए माफ़ी के दरवाज़े खुले हैं।
📜 आयत 28-32 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 30
सूरा अल-अहज़ाब आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ पैग़म्बर की बीबियों तुममें से जो कोई किसी सरीही…सूरा आयत 30/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 28–32. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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