Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُرِدْنَ: तुम चाहती हो, इच्छा रखती हो
- الدَّارَ الْآخِرَةَ: आख़िरत का घर, यानी जन्नत
- أَعَدَّ: तैयार किया है
- لِلْمُحْسِنَاتِ: नेकी करने वाली महिलाओं के लिए
- أَجْرًا عَظِيمًا: बहुत बड़ा इनाम
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में नबी ﷺ की पाक बीवियों को एक अहम एहतियार (विकल्प) दिया था—दुनिया की रौनक़ें और आराम, या अल्लाह और उसके रसूल की रज़ा और आख़िरत की कामयाबी। अल्लाह फ़रमाता है: "अगर तुम अल्लाह, उसके रसूल और आख़िरत के घर (जन्नत) को चाहती हो, तो अपनी ज़िंदगी में सब्र और अच्छे अख़्लाक़ पर क़ायम रहो, अल्लाह और उसके रसूल की इताअत करो। बेशक अल्लाह ने तुममें से नेकी करने वालियों के लिए बहुत बड़ा इनाम तैयार कर रखा है।"
यह आयत सिर्फ़ उम्महातुल मोमिनीन तक महदूद नहीं, बल्कि हर उस मुसलमान औरत के लिए एक आम पैग़ाम है जो दुनिया की चमक-दमक और आराम के मुक़ाबले अल्लाह की रज़ा को तरजीह देती है। जब हज़रत आइशा रज़ियल्लाहु अन्हा को यह एहतियार दिया गया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के अल्लाह और उसके रसूल को चुन लिया। उनके बाद बाक़ी पाक बीवियों ने भी यही चुनाव किया—यह उनके ईमान और मुहब्बत की सबसे बड़ी गवाही है।
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि दुनिया की कामयाबी और आराम कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह आख़िरत की कामयाबी के सामने कोई हैसियत नहीं रखता। जो लोग अल्लाह की रज़ा के लिए दुनिया की ख़्वाहिशों को छोड़ देते हैं, अल्लाह उन्हें ऐसा अज्र देगा जिसका अंदाज़ा कोई नहीं कर सकता। यह अज्र सिर्फ़ जन्नत तक महदूद नहीं, बल्कि दुनिया में भी अल्लाह उन्हें सुकून, इत्मिनान और बरकत अता करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि जब भी दुनिया और दीन के बीच चुनाव का मौक़ा आए, तो हमेशा अल्लाह और उसके रसूल को चुनें। यही वह रास्ता है जो हमें कामयाबी-ए-दारैन (दोनों जहान की भलाई) तक पहुँचाता है। अल्लाह ने नेकी करने वालों के लिए जो इनाम तैयार किया है, वह हमारी समझ से बाहर है—बस ज़रूरत है सब्र, इताअत और अच्छे अख़्लाक़ की।
📜 आयत 27-31 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 29
सूरा अल-अहज़ाब आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम लोग खुदा और उसके रसूल और आखेरत…सूरा आयत 29/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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