अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَزِعُوا: वे घबरा गए, डर गए।
- فَلَا فَوْتَ: कोई बचाव नहीं, कहीं भागने का रास्ता नहीं।
- مِن مَّكَانٍ قَرِيبٍ: निकट स्थान से, यानी जहाँ से वे आसानी से पकड़े जा सकें।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! यदि तुम उस समय को देखो जब ये काफ़िर (इनकार करने वाले) अल्लाह के अज़ाब (दंड) को अपनी आँखों से देखकर घबरा जाएँगे और डर के मारे इधर-उधर भागने की कोशिश करेंगे, तो तुम एक अत्यंत भयानक और हैरतअंगेज़ दृश्य देखोगे। उस दिन न उनके लिए कोई बचाव होगा, न कोई छिपने की जगह, और न ही भागने का कोई रास्ता। अल्लाह के फ़रिश्ते उन्हें उसी निकट स्थान से पकड़ लेंगे—यानी उनके ठहरने की जगह से ही—और उन्हें आग की तरफ खींच ले जाएँगे। यह पकड़ इतनी आसान और तेज़ होगी कि उन्हें पलक झपकते ही जहन्नम में डाल दिया जाएगा।
यह वह दिन होगा जब सारे बहाने बेकार होंगे, सारी ताकतें नाकाम होंगी, और हर व्यक्ति अपने किए का फल पाएगा। जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह के आगे सिर नहीं झुकाया, उन्हें उस दिन मजबूरन झुकना पड़ेगा, लेकिन वह झुकना उनके किसी काम न आएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत करीब है। इंसान को चाहिए कि वह दुनिया में रहते हुए अल्लाह की इबादत करे, उसके हुक्मों को माने और अपने गुनाहों से तौबा करे। यहाँ से भागना नामुमकिन है, लेकिन अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा खुला है—जो कोई भी सच्चे दिल से तौबा करके अल्लाह की तरफ लौट आए, अल्लाह उसे माफ कर देता है और उसे जहन्नम की आग से बचा लेता है। यही सबसे बड़ी सफलता है। आइए, हम सब अपने जीवन को अल्लाह के हुक्मों के अनुसार ढालें और उस दिन की शर्मिंदगी से बचने की कोशिश करें, क्योंकि आज का फैसला हमारे हाथ में है, कल नहीं।
📜 आयत 49-53 — सबा
अनुवाद — सबा 51
सूरा सबा आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) काश तुम देखते (तो सख्त ताज्जुब करते)…सूरा आयत 51/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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