Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आमन्ना बिही: हम उस पर ईमान लाए (अर्थात् अल्लाह, उसके रसूल और उस दिन पर)
- अन्ना लहुमुत तनावुश: उन्हें कहाँ से नसीब होगी यह पकड़ या हासिल करना
- मिन मकानिन बईद: दूर स्थान से
तफसीर:
जब काफिर लोग आख़िरत में अज़ाब को अपनी आँखों से देख लेंगे, और हर तरफ़ से अल्लाह की पकड़ उन्हें घेर लेगी, तो उस वक़्त वे पछतावे की हालत में कहेंगे: "हम उस (क़ुरआन, रसूल ﷺ और अल्लाह) पर ईमान ले आए!" लेकिन यह ईमान उनके लिए कैसे मुमकिन हो सकता है? यह ईमान तो दुनिया की ज़िंदगी से ताल्लुक़ रखता है, जो अब उनसे बहुत दूर जा चुका है। वे उसे किस तरह हासिल करेंगे?
यह उस शख्स की मिसाल है जो दूर से किसी चीज़ को पकड़ना चाहे, लेकिन उसकी पहुँच उस तक न हो सके। दुनिया ईमान और तौबा की जगह थी, और वहाँ उन्होंने इसे ठुकरा दिया। अब आख़िरत में, जहाँ सिर्फ़ बदला और जज़ा है, वहाँ ईमान का दावा करना बिल्कुल बेकार है। जिस दरवाज़े से ईमान क़बूल होता था, वह बंद हो चुका है। अल्लाह तआला ने उनके और ईमान के बीच पर्दा डाल दिया है, और उनका यह ईमान सिर्फ़ ज़बानी दावा होगा, जो उन्हें किसी काम न आएगा।
यह हालात उन सबके लिए सबक़ है जो आज दुनिया में हैं। आज का वक़्त अमल का वक़्त है, आज का दिन तौबा और ईमान का दिन है। कल जब मौत आ जाए या क़यामत क़ाइम हो जाए, तो फिर पछतावे के सिवा कुछ हाथ न आएगा। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है—उसने दुनिया की ज़िंदगी में हर पल तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। जो भी सच्चे दिल से उसकी तरफ़ लौट आए, वह उसे क़बूल फ़रमाता है। लेकिन जब वक़्त निकल जाएगा, तो पछतावा सिवा नुक़सान के कुछ नहीं देगा। आओ, आज ही अपने रब की तरफ़ रुजू करें, उसके रसूल ﷺ पर ईमान लाएँ, और उसके ज़िक्र और इबादत से अपने दिलों को रौशन करें—क्योंकि यही वह मौक़ा है जो कभी वापस नहीं आने वाला।
📜 आयत 50-54 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 52
सूरा सबा आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और आस ही पास से (बाआसानी) गिरफ्तार कर लिए जाएँगे…सूरा आयत 52/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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