अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- خَلَائِفَ: एक दूसरे के उत्तराधिकारी, पीढ़ी दर पीढ़ी एक दूसरे की जगह लेने वाले।
- مَقْتًا: अत्यधिक क्रोध, घृणा और नफरत।
- خَسَارًا: घाटा, हानि, विनाश।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ही वह है जिसने तुम्हें धरती में एक-दूसरे का उत्तराधिकारी बनाया है। वह चाहता है कि तुम्हें परखे कि तुम उसकी दी हुई नेमतों का किस तरह उपयोग करते हो। जो व्यक्ति अल्लाह की इबादत से मुँह मोड़ता है और उसकी वहदानियत (एकता) का इनकार करता है, उसके कुफ्र का वबाल (बुरा परिणाम) उसी पर पड़ता है। उसका कुफ्र अल्लाह को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता, बल्कि वह अपनी ही आत्मा पर ज़ुल्म करता है।
काफिरों का कुफ्र अल्लाह के यहाँ उनके लिए केवल अल्लाह की नाराज़गी, घृणा और क्रोध को बढ़ाता है। वे जितना अधिक कुफ्र में डूबते जाते हैं, अल्लाह की ओर से उन पर उतनी ही अधिक यातना और अपमान बढ़ता जाता है। और उनका यह कुफ्र उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में केवल घाटे में डालता है — वे उस जन्नत को खो देते हैं जो अल्लाह ने अपने ईमानवाले बंदों के लिए तैयार की है, और उनका अंजाम जहन्नम की आग होता है।
दावत (आमंत्रण) का पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम इस धरती पर अल्लाह के नायब (प्रतिनिधि) हैं। हमें यह ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए कि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएँ। जो व्यक्ति ईमान लाता है और अच्छे कर्म करता है, वह अपने लिए ही भलाई कमाता है। अल्लाह ने हमें कभी नुकसान नहीं पहुँचाया; हमारा कुफ्र या ईमान उसके लिए कोई फर्क नहीं डालता, बल्कि यह हमारे ही भले-बुरे का स्रोत है। इसलिए बुद्धिमान वही है जो इस अवसर को ग़नीमत जानते हुए अल्लाह की ओर लौटे, उसकी इबादत करे और उसकी रहमत के दरवाज़े पर दस्तक दे। अल्लाह तआला बड़ा क्षमाशील और दयावान है — वह अपने बंदों के तौबा करने पर खुश होता है और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ता है।
📜 आयत 37-41 — फातिर
अनुवाद — फातिर 39
सूरा फातिर आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह वही खुदा है जिसने रूए ज़मीन में तुम लोगों…सूरा आयत 39/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 37–41. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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