अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (मुख्य शब्दों के अर्थ):
- ग़ैब – छिपी हुई चीज़ें, वह जो आँखों से ओझल हो।
- बिज़ातिस्सुदूर – सीनों के भीतर की बातें, दिलों के राज़, छिपे हुए विचार और इरादे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह तआला के उस ज्ञान की याद दिलाती है जो हर चीज़ को घेरे हुए है। अल्लाह ही वह हस्ती है जो आसमानों और ज़मीन के हर छिपे हुए रहस्य को जानता है। कोई भी चीज़, चाहे वह कितनी ही छोटी या गुप्त क्यों न हो, उसके ज्ञान से बाहर नहीं है। वह जानता है कि आसमानों में क्या हो रहा है, ज़मीन की गहराइयों में क्या छिपा है, और कौन सा राज़ किसी पहाड़ की तह में दबा हुआ है।
फिर अल्लाह तआला ख़ास तौर पर यह बताता है कि वह "सीनों के भीतर की बातों" का भी जानने वाला है। यानी हमारे दिलों में जो नीयतें हैं, जो इरादे हैं, जो ख़यालात हैं, जो वसवसे (बुरे ख़याल) हैं, जो अच्छे या बुरे भेद हैं – सब कुछ अल्लाह के सामने खुला हुआ है। हम चाहे जितना छिपाने की कोशिश करें, हमारे दिल की हर धड़कन, हर सोच, हर इरादा अल्लाह के इल्म में मौजूद है।
जब हमें यह यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमारे दिलों के राज़ तक जानता है, तो हमारे अंदर एक अजीब सी सावधानी और परहेज़गारी पैदा होती है। हम अकेले में भी वह काम नहीं करते जो अल्लाह को नापसंद हो, क्योंकि हम जानते हैं कि अल्लाह देख रहा है और सुन रहा है। यही असली तक़वा (परहेज़गारी) है।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम अपने दिलों को साफ़ रखें। अल्लाह ने हमें जो आज़ादी दी है, उसका ग़लत इस्तेमाल न करें। जिस तरह हम अपने बाहरी कामों को साफ़ रखते हैं, उसी तरह अपने अंदरूनी हालात को भी साफ़ रखें – नीयत को साफ़ रखें, इरादों को साफ़ रखें, और दिल में किसी के लिए बुराई या ईर्ष्या न पालें।
यह आयत मोमिन के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी भी है। क्योंकि जब अल्लाह दिलों का हाल जानता है, तो वह हमारी अच्छी नीयतों को भी जानता है। जो शख्स अल्लाह की राह में कदम उठाता है, जो नेकी का इरादा करता है, जो दिल से अल्लाह से जुड़ा होता है – अल्लाह उसकी इस नीयत की क़द्र करता है और उसे उसका पूरा अज्र (इनाम) देता है।
तो इस आयत से हमें दो चीज़ें सीखने को मिलती हैं: एक, अल्लाह से डरना और उसकी निगरानी का एहसास रखना; और दूसरा, अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखना कि वह हमारी अच्छी नीयतों को जानता है और उन्हें अज्र देगा। यही वह चीज़ है जो एक मुसलमान को ज़िंदगी के हर मोड़ पर सीधे रास्ते पर चलाती है।
📜 आयत 36-40 — फातिर
अनुवाद — फातिर 38
सूरा फातिर आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक खुदा सारे आसमान व ज़मीन की पोशीदा बातों से…सूरा आयत 38/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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