अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الَّذِينَ كَفَرُوا: जिन्होंने अल्लाह की एकता और उसके रसूलों पर ईमान नहीं लाया, और शैतान की پیروی की।
- عَذَابٌ شَدِيدٌ: बहुत सख्त और दर्दनाक अज़ाब (यातना)।
- مَغْفِرَةٌ: अल्लाह की ओर से गुनाहों की माफ़ी और उन्हें ढक देना।
- أَجْرٌ كَبِيرٌ: बहुत बड़ा इनाम, जो जन्नत है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने दो फ़रीक़ों (समूहों) का साफ़-साफ़ फ़ैसला बयान कर दिया है, ताकि हर इंसान अपना रास्ता खुद चुन ले।
पहला फ़रीक़ा उन लोगों का है जिन्होंने कुफ़्र किया—यानी अल्लाह की वहदानियत (एकता) को नकारा, उसके रसूलों को झुठलाया, और शैतान की پیروی को अपनी ज़िंदगी का उसूल बना लिया। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने सख्त से सख्त अज़ाब तैयार किया है, जो क़यामत के दिन उन्हें मिलेगा। यह अज़ाब सिर्फ़ एक पल का नहीं, बल्कि हमेशा रहने वाला है, और उसकी सख्ती का अंदाज़ा हमारे दिमाग़ से बाहर है।
दूसरा फ़रीक़ा उन लोगों का है जो ईमान लाए—यानी अल्लाह और उसके रसूल ﷺ पर दिल से यक़ीन किया, और फिर उस ईमान के तक़ाज़े के मुताबिक़ अच्छे काम किए। उन्होंने नमाज़ पढ़ी, रोज़ा रखा, ज़कात दी, लोगों की मदद की, और अल्लाह की रज़ा के लिए नेकियाँ कीं। ऐसे लोगों के लिए दो चीज़ें हैं:
- मग़फिरत: अल्लाह उनके गुनाहों को माफ़ कर देगा और उन्हें ढक देगा, यानी उनकी बुराइयाँ क़यामत के दिन ज़ाहिर नहीं होंगी। यह अल्लाह का बहुत बड़ा फज़ल है, क्योंकि इंसान से गुनाह होते ही रहते हैं, लेकिन अल्लाह की रहमत उन्हें मिटा देती है।
- अज्र-ए-कबीर (बड़ा इनाम): यह इनाम जन्नत है, जो हर नेकी का सबसे बेहतरीन बदला है। जन्नत में वो चीज़ें हैं जो किसी आँख ने नहीं देखीं, किसी कान ने नहीं सुनीं, और किसी दिल ने नहीं सोची।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें साफ़ पैग़ाम देती है कि आज का फ़ैसला हमारे हाथ में है। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी, समझ दी, और रसूल भेजे, ताकि हम सही रास्ता चुन सकें। कुफ़्र का रास्ता तबाही की तरफ़ ले जाता है, जबकि ईमान और नेक अमल का रास्ता उस खुशी की तरफ़ ले जाता है जो कभी ख़त्म नहीं होती।
अल्लाह की रहमत इतनी वसी (विस्तृत) है कि वो हर गुनाह माफ़ कर सकता है, बशर्ते हम सच्चे दिल से तौबा करें और अपने अमल को सुधारें। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को ईमान और नेकियों से भर दें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिनके लिए मग़फिरत और बड़ा इनाम है। याद रखिए, यह दुनिया कुछ दिनों की है, लेकिन आख़िरत हमेशा रहने वाली है। समझदार वही है जो इस फ़ानी दुनिया में आख़िरत की तैयारी कर ले। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 5-9 — फातिर
अनुवाद — फातिर 7
सूरा फातिर आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने (दुनिया में) कुफ्र इख़तेयार किया उनके लिए…सूरा आयत 7/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
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Wednesday, August 19, 2026
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