Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- جَاءَ بِالصِّدْقِ: सत्य लेकर आया — अर्थात अपने कथन और कर्म में सत्य।
- صَدَّقَ بِهِ: उस पर ईमान लाया और उसे सत्य माना।
- الْمُتَّقُونَ: परहेज़गार, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस पवित्र आयत में उन लोगों की प्रशंसा कर रहा है जो सत्य लेकर आए और जिन्होंने उस सत्य की पुष्टि की। यहाँ "सत्य" से मतलब है — तौहीद (अल्लाह की एकता), रिसालत (पैग़म्बरों की सच्चाई) और आख़िरत (प्रलय के दिन) का संदेश। इस सत्य को लेकर आने वालों में सबसे पहले और सबसे अफ़ज़ल हमारे नबी मुहम्मद ﷺ हैं, जिन्होंने अपने कथन, अपने कर्म, अपने चरित्र और अपने पूरे जीवन से इस सत्य को प्रस्तुत किया। उनके बाद सभी नबी और रसूल भी इसी सत्य को लेकर आए।
फिर अल्लाह ने उन लोगों का ज़िक्र किया जिन्होंने इस सत्य को सुना, समझा और उस पर ईमान लाया — यानी उन्होंने न केवल ज़बान से पुष्टि की, बल्कि अपने दिल से उसे सच माना और अपने अमल (कर्मों) से उस पर चले। यही लोग हैं जो सच्चे मुत्तक़ी (परहेज़गार) हैं।
इस आयत में अल्लाह ने बताया कि असली तक़वा (परहेज़गारी) सिर्फ़ नाम या दावे से नहीं होती, बल्कि उसका आधार है — सत्य को पहचानना, उसे मानना और उस पर अमल करना। जो लोग इस राह पर चलते हैं, वही अल्लाह की नज़र में इज़्ज़त वाले हैं, चाहे दुनिया में उनकी सामाजिक हैसियत कुछ भी हो।
इस आयत की रोशनी में हमें यह सीख मिलती है कि हमें सत्य को अपनाना चाहिए, सत्य बोलना चाहिए, सत्य पर चलना चाहिए और सत्य का साथ देना चाहिए। जो लोग ऐसा करते हैं, अल्लाह उन्हें अपने करीब लेता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी देता है।
आज हमें चाहिए कि हम अपने जीवन को इस सत्य के अनुसार ढालें — क्योंकि यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाता है। अल्लाह हमें सच्चे मुत्तक़ी बनने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 31-35 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 33
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ज़रूर है) और याद रखो कि जो शख्स (रसूल) सच्ची…सूरा आयत 33/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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