अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَبَ عَلَى اللَّهِ: अल्लाह पर झूठ बोलना, यानी उसके बारे में ऐसी बातें कहना जो उसके लिए उचित नहीं, जैसे उसका कोई साझीदार, पत्नी या संतान होना।
- بِالصِّدْقِ: उस सत्य (कुरआन) को जो पैगंबर मुहम्मद ﷺ पर उतारा गया।
- مَثْوًى: रहने की जगह, निवास स्थान।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला सबसे बड़े ज़ालिम (अत्याचारी) का वर्णन कर रहा है। फ़रमाता है: उस व्यक्ति से बढ़कर अत्याचारी और कौन हो सकता है जो अल्लाह पर झूठ बोले — यानी उसके बारे में ऐसी बातें गढ़े जो उसकी पवित्रता के खिलाफ हों, जैसे यह कहना कि अल्लाह का कोई संतान या साझीदार है, या यह दावा करना कि उसकी ओर से उसे वही (प्रकाशना) आई जबकि उसे कुछ भी नहीं आया। और उससे बढ़कर अत्याचारी वह है जो उस सत्य को झुठलाए जो उसके पास आ चुका है — यानी कुरआन और पैगंबर मुहम्मद ﷺ का संदेश — बिना किसी विचार और चिंतन के, केवल हठ और अहंकार के कारण।
फिर अल्लाह तआला पूछता है: क्या ऐसे काफिरों के लिए जहन्नम (नरक) में रहने की जगह नहीं है? यह एक ऐसा प्रश्न है जो स्वयं ही उत्तर देता है — हाँ, बेशक! जो लोग अल्लाह पर झूठ बोलते हैं और उसके सत्य को झुठलाते हैं, उनका ठिकाना जहन्नम है। यह उनके कुफ्र (इनकार) का स्वाभाविक और न्यायपूर्ण परिणाम है।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने जीवन में किस रास्ते पर चल रहे हैं। अल्लाह तआला ने हमें सत्य (कुरआन) भेजा है, और यह सत्य हमारे लिए रहनुमा (मार्गदर्शक) है। जो व्यक्ति इस सत्य को स्वीकार कर लेता है और उस पर अमल करता है, वह सफलता और जन्नत की ओर बढ़ता है। और जो इसे ठुकरा देता है या अल्लाह के बारे में झूठी बातें फैलाता है, वह अपने लिए जहन्नम का सामान करता है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सचेत करती है कि हम अल्लाह के साथ अपने रिश्ते को शुद्ध रखें — उसे एक मानें, उसकी इबादत करें, और उसके भेजे हुए सत्य (कुरआन और सुन्नत) को अपनाएँ। यही हमारी कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह तआला हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 30-34 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 32
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 32 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो इससे बढ़कर ज़ालिम कौन होगा जो ख़ुदा पर झूठ…सूरा आयत 32/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 30–34. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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