Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَشِّرْ: ख़बर दो, सूचित करो। (यहाँ यह धमकी और चेतावनी के अर्थ में प्रयोग हुआ है, क्योंकि बशारत (ख़ुशख़बरी) कभी-कभी अच्छी और कभी बुरी ख़बर के लिए भी आती है।)
- الْمُنَافِقِينَ: मुनाफ़िक़ीन, वे लोग जो ज़ाहिर में ईमान दिखाते हैं लेकिन बातिन (अंदर) में कुफ़्र रखते हैं।
- عَذَابًا أَلِيمًا: दर्दनाक और बहुत तकलीफ़ देने वाला अज़ाब।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! उन मुनाफ़िक़ों को ख़बर दे दो, जो मुसलमानों के साथ मिलकर ईमान का दावा करते हैं, लेकिन उनके दिल कुफ़्र और नफ़रत से भरे हुए हैं — उन्हें बता दो कि उनके लिए अल्लाह के पास ऐसा अज़ाब तैयार है जो बेहद दर्दनाक और तकलीफ़देह होगा। यह अज़ाब उनके दोहरे चेहरे और धोखे की सज़ा होगी, क्योंकि उन्होंने दुनिया में ईमान का मुखौटा पहनकर लोगों को धोखा दिया और अल्लाह और उसके रसूल के ख़िलाफ़ साज़िशें करते रहे।
यह आयत बताती है कि मुनाफ़िक़ी (दो-मुँहापन) सबसे बुरी आदतों में से एक है। ये लोग न तो पूरी तरह मुसलमानों के साथ हैं और न ही काफ़िरों के साथ, बल्कि वे दोनों के बीच झूलते रहते हैं। उनका अंजाम बहुत बुरा होगा, क्योंकि अल्लाह के नज़दीक वे सबसे ज़्यादा नापसंद लोगों में से हैं। उनके लिए जहन्नुम का दर्दनाक अज़ाब है, जिसकी कोई मियाद (अवधि) नहीं होगी।
दावती पहलू (नसीहत):
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अपने दिल और ज़बान को एक जैसा रखना चाहिए। ईमान का दावा करके दिल में कुफ़्र और नफ़रत रखना सबसे बड़ा धोखा है। अल्लाह हमें उन लोगों में से न बनाए जो दिखावे के लिए नेकी करते हैं, बल्कि हमें सच्चे दिल से मुसलमान बनाए। याद रखिए! अल्लाह छुपी हुई बातों को भी जानता है, और क़यामत के दिन हर राज़ खुल जाएगा। इसलिए हमेशा सच्चाई और ईमानदारी पर क़ायम रहें, क्योंकि सच्चे मोमिनों के लिए अल्लाह के पास जन्नत की ख़ुशख़बरी है, और मुनाफ़िक़ों के लिए दर्दनाक अज़ाब। अल्लाह हमें सच्चे दिल से ईमान लाने और अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 136-140 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 138
सूरा अन-निसा आयत 138 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) मुनाफ़िक़ों को ख़ुशख़बरी दे दो कि उनके लिए…सूरा आयत 138/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 136–140. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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