Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْلِيَاء (औलिया): मित्र, सहायक, संरक्षक।
- مِن دُونِ (मिन दूनि): को छोड़कर, के बजाय।
- سُلْطَانًا مُّبِينًا (सुल्तानन मुबीना): स्पष्ट प्रमाण, खुली हुज्जत, पुख्ता दलील।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालो! जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल ﷺ को दिल से माना और उसके दीन पर चलने का एहद किया, सुनो! काफिरों को अपना दोस्त, मददगार और संरक्षक मत बनाओ। उनसे मुहब्बत और वफादारी का रिश्ता मत जोड़ो, जबकि मोमिनों को छोड़कर ऐसा करना बिल्कुल गलत है। क्या तुम चाहते हो कि अपने इस कृत्य से अल्लाह को अपने ऊपर एक साफ और खुली हुज्जत दे दो, जो तुम्हारे ईमान के दावे को झूठा साबित कर दे? यानी अगर तुम काफिरों से दोस्ती रखोगे और मोमिनों को छोड़ दोगे, तो यह तुम्हारे निफाक (दोहरेपन) की गवाही होगी, और अल्लाह के पास तुम्हारी सजा के लिए स्पष्ट दलील हो जाएगी।
यह आयत मोमिनों को साफ पैगाम देती है कि ईमान की मजबूती उन्हीं से दोस्ती में है जो अल्लाह के दीन पर हैं। काफिरों से मुहब्बत और उनकी तरफ झुकाव दिल के ईमान को कमजोर करता है और इंसान को अल्लाह के अज़ाब का हकदार बनाता है। याद रखो, अल्लाह तुम्हारे दिलों के राज को जानता है, और वह कभी किसी पर जुल्म नहीं करता, बल्कि तुम्हारे अपने कर्मों का फल तुम्हें देता है।
दावत और नसीहत:
प्यारे मोमिनो! यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी पहचान हमारे ईमान से है। जो लोग अल्लाह के दुश्मन हैं, उनसे दोस्ती रखना हमारे ईमान के लिए जहर है। अगर हम सच्चे मोमिन हैं, तो हमें मोमिनों से मुहब्बत करनी चाहिए, उनके दुख-सुख में शरीक होना चाहिए, और उनकी मदद करनी चाहिए। यही रास्ता हमें दुनिया में इज्जत और आखिरत में कामयाबी तक पहुंचाता है। अल्लाह ने हमें आगाह किया है ताकि हम अपने हाथों अपना नुकसान न करें। तो आओ, हम अपने दिलों को साफ करें, सिर्फ अल्लाह और उसके नबी ﷺ की मुहब्बत को अपने दिलों में जगह दें, और मोमिनों के साथ भाईचारे का रिश्ता मजबूत करें। यही सच्ची कामयाबी है, और यही अल्लाह की रहमत का जरिया है।
📜 आयत 142-146 — सूरा अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 144
सूरा अन-निसा आयत 144 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमान वालों मोमिनीन को छोड़कर काफ़िरों को (अपना) सरपरस्त…सूरा आयत 144/176 — सूरा अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-निसा सुनें, सूरा अन-निसा अनुवाद, सूरा अन-निसा mp3, सूरा अन-निसा pdf. आयत 142–146. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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