अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاصْبِرْ: धैर्य रखें, सब्र करें।
- إِنَّ وَعْدَ اللَّهِ حَقٌّ: निस्संदेह अल्लाह का वादा सत्य है।
- فَإِمَّا نُرِيَنَّكَ: यदि हम आपको दिखा दें (इसी जीवन में)।
- بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ: कुछ वह (यातना) जिसका हमने उनसे वादा किया है।
- أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ: या हम आपको (पहले ही) उठा लें (मृत्यु दे दें)।
- فَإِلَيْنَا يُرْجَعُونَ: तो वे हमारी ही ओर लौटाए जाएंगे।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप अपनी कौम की ओर से मिलने वाली तकलीफों और झुठलाने पर धैर्य रखें, और अपने दावत के मार्ग पर दृढ़ रहें। अल्लाह का वादा बिल्कुल सत्य है—वह आपकी मदद और विजय का वादा कर चुका है, और वह अपना वादा अवश्य पूरा करेगा। चाहे हम आपको इसी दुनिया में उन काफिरों पर आने वाली यातना (जैसे बद्र के दिन कत्ल और कैद) का कुछ हिस्सा दिखा दें, या आपको उससे पहले ही अपने पास बुला लें—दोनों ही सूरतों में उन्हें हमारी ही ओर लौटना है। क़ियामत के दिन वे सब हमारे सामने हाज़िर होंगे, और हम उन्हें उनके कुफ्र और इन्कार की सज़ा देंगे, उन्हें जहन्नुम में डालेंगे जहाँ वे हमेशा रहेंगे।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक बड़ी तसल्ली और उम्मीद का पैग़ाम है जो अल्लाह के रास्ते में मेहनत करता है। अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता—चाहे इनाम में देरी हो, लेकिन वह ज़रूर आता है। सब्र का फल मीठा होता है, और अल्लाह की मदद उसी पर होती है जो सब्र करता है। याद रखें, यह दुनिया का दारुल-अमल है, और आख़िरत का दारुल-जज़ा (बदले का घर)। जो लोग अल्लाह के नबियों को झुठलाते हैं, वे चाहे कितनी भी देर तक दुनिया में मौज-मस्ती कर लें, अंत में उन्हें अपने कर्मों का पूरा हिसाब देना होगा। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह सब्र और दुआ को अपना हथियार बनाए, और अल्लाह पर पूरा भरोसा रखे—क्योंकि अल्लाह का वादा सत्य है, और उसकी मदद निकट है।
📜 आयत 75-79 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 77
सूरा ग़ाफिर आयत 77 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम सब्र करो ख़ुदा का वायदा यक़ीनी…सूरा आयत 77/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 75–79. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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