Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آمَنُوا: ईमान लाए, अल्लाह, उसके रसूल और उसकी किताब पर पूर्ण विश्वास किया।
- عَمِلُوا الصَّالِحَاتِ: अच्छे और नेक कर्म किए, जो अल्लाह की रज़ा के लिए हों।
- أَجْرٌ: बदला, इनाम, प्रतिफल।
- غَيْرُ مَمْنُونٍ: जो कभी खत्म न हो, न काटा जाए, न रोका जाए, और न ही घटाया जाए — यानी अनवरत और अपूर्ण।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस पवित्र आयत में उन लोगों को खुशखबरी सुना रहा है जो ईमान लाए और अपने ईमान को सिर्फ ज़ुबान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अपने अमल से साबित किया। उन्होंने नेक कर्म किए — नमाज़ क़ायम की, ज़कात दी, रोज़े रखे, हज किया, लोगों की मदद की, सच बोला, अमानत अदा की, और हर अच्छे काम को अल्लाह की रज़ा के लिए किया, बिना किसी दिखावे के।
ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने वादा किया है "أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ" — यानी ऐसा इनाम जो कभी खत्म नहीं होगा, जिसमें कोई कमी नहीं आएगी, जिसे कोई रोक नहीं सकता और न ही वह कभी काटा जाएगा। यह इनाम जन्नत है — जो हमेशा रहने वाली है, जिसकी नेमतें कभी समाप्त नहीं होतीं, और जिसका सुख कभी घटता नहीं।
यह अल्लाह का असीम करम है कि उसने अपने नेक बंदों को ऐसा इनाम देने का वादा किया जो दुनिया के किसी भी इनाम से बेहतर है। दुनिया का हर इनाम खत्म होने वाला है, हर सुख क्षणिक है, लेकिन अल्लाह का दिया हुआ इनाम हमेशा रहने वाला है।
दावती पहलू:
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक रोशनी है जो सच्ची कामयाबी की तलाश में है। यह बताती है कि असली कामयाबी दौलत, शोहरत या दुनिया के ऊँचे पदों में नहीं है, बल्कि उस ईमान में है जो दिल में जड़ें जमाए और उस अमल में है जो अल्लाह की रज़ा के लिए किया जाए। जो इंसान इस रास्ते पर चलता है, उसका अंजाम जन्नत है — जहाँ हर दर्द खत्म, हर ग़म दूर, और हर खुशी हमेशा के लिए मौजूद है।
तो आओ, हम अपने ईमान को मज़बूत करें और अपने अमल को सुधारें, ताकि हम भी उन खुशनसीबों में शामिल हो सकें जिनके लिए यह अटूट इनाम तैयार किया गया है। अल्लाह हम सबको इस तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 6-10 — सूरा फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 8
सूरा फुस्सिलत आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम करते…सूरा आयत 8/54 — सूरा फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फुस्सिलत सुनें, सूरा फुस्सिलत अनुवाद, सूरा फुस्सिलत mp3, सूरा फुस्सिलत pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा फुस्सिलत
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


