फुस्सिलत · 9/54
अनुवाद उच्चारण — फुस्सिलत
۞ قُلْ أَئِنَّكُمْ لَتَكْفُرُونَ بِالَّذِي خَلَقَ الْأَرْضَ فِي يَوْمَيْنِ وَتَجْعَلُونَ لَهُ أَندَادًا ۚ ذَٰلِكَ رَبُّ الْعَالَمِينَ ۝٩
Qul a`innakum latakfuroona billazee khalaqal arda fee yawmaini wa taj`aloona lahooo andaadaa; zaalika Rabbul `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या तुम उस (ख़ुदा) से इन्कार करते हो जिसने ज़मीन को दो दिन में पैदा किया और तुम (औरों को) उसका हमसर बनाते हो, यही तो सारे जहाँ का सरपरस्त है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अंदाद (أندادا): समान, साझीदार, जिन्हें अल्लाह के बराबर पूजा जाए।
  • रब्बुल आलमीन (رب العالمين): सारे संसारों का पालनहार और स्वामी।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कहें, उन्हें झिड़कते हुए और उनके कृत्य पर अचरज व्यक्त करते हुए: "क्या तुम उस अल्लाह के साथ कुफ़्र करते हो जिसने धरती को सिर्फ दो दिनों में पैदा किया? और तुम उसके लिए समान और साझीदार ठहराते हो, और उन्हें उसके साथ पूजते हो?" यह कितनी बड़ी नाइंसाफ़ी और अज्ञानता की बात है! जिसने यह विशाल धरती, इसके पहाड़, मैदान, समुद्र और इसकी सारी नेमतें पैदा कीं, क्या वह पूजा के योग्य नहीं? वही तो सारे जहानों का पालनहार है। उसकी कुदरत और उसकी रहमत का अंदाज़ा लगाओ — जिसने इतनी बड़ी ज़मीन को महज़ दो दिनों में बनाया, वही तुम्हारा रब है, तुम्हारा ख़ालिक़ है। फिर तुम उसे छोड़कर उन चीज़ों को पूजते हो जो न कुछ पैदा कर सकती हैं और न खुद पैदा हुई हैं? यह तो साफ़ गुमराही है।

ऐ इंसान! ज़रा सोच — जिसने तुम्हें यह ज़मीन दी, जिस पर तुम चलते हो, जिसमें तुम बोते हो और जिससे तुम्हारी रिज़्क़ निकलती है, क्या उसका शुक्र अदा करने के बजाय तुम उसका इनकार करते हो? और उसके सिवा दूसरों को उसका साझी बनाते हो? यह कैसी नाशुक्री है! अल्लाह तआला अपनी नेमतों के बावजूद तुम्हें मोहलत दे रहा है, तुम्हें बुला रहा है अपनी तरफ़, और तुम्हारे लिए अपने रसूल और किताब भेजी है। तो उठो, इस नेमत के मालिक की तरफ़ लौटो, उसी की इबादत करो और उसी से मदद माँगो। वही सब कुछ पैदा करने वाला है, वही पालने वाला है, और उसी की तरफ़ लौटकर जाना है। जो उसकी इबादत करेगा, उसे वह कभी निराश नहीं करेगा, और जो उससे मुँह मोड़ेगा, उसे वह कभी कामयाबी नहीं देगा।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — फुस्सिलत

7الَّذِينَ لَا يُؤْتُونَ الزَّكَاةَ وَهُم بِالْآخِرَةِ هُمْ كَافِرُونَ
जो ज़कात नहीं देते और आखेरत के भी क़ायल नहीं
8إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ
बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे अच्छे काम करते रहे और उनके लिए वह सवाब है जो कभी ख़त्म होने वाला नहीं
9۞ قُلْ أَئِنَّكُمْ لَتَكْفُرُونَ بِالَّذِي خَلَقَ الْأَرْضَ فِي يَوْمَيْنِ وَتَجْعَلُونَ لَهُ أَندَادًا ۚ ذَٰلِكَ رَبُّ الْعَالَمِينَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या तुम उस (ख़ुदा) से इन्कार करते हो जिसने ज़मीन को दो दिन में पैदा किया और तुम (औरों को) उसका हमसर बनाते हो, यही तो सारे जहाँ का सरपरस्त है
10وَجَعَلَ فِيهَا رَوَاسِيَ مِن فَوْقِهَا وَبَارَكَ فِيهَا وَقَدَّرَ فِيهَا أَقْوَاتَهَا فِي أَرْبَعَةِ أَيَّامٍ سَوَاءً لِّلسَّائِلِينَ
और उसी ने ज़मीन में उसके ऊपर से पहाड़ पैदा किए और उसी ने इसमें बरकत अता की और उसी ने एक मुनासिब अन्दाज़ पर इसमें सामाने माईशत का बन्दोबस्त किया (ये सब कुछ) चार दिन में और तमाम तलबगारों के लिए बराबर है
11ثُمَّ اسْتَوَىٰ إِلَى السَّمَاءِ وَهِيَ دُخَانٌ فَقَالَ لَهَا وَلِلْأَرْضِ ائْتِيَا طَوْعًا أَوْ كَرْهًا قَالَتَا أَتَيْنَا طَائِعِينَ
फिर आसमान की तरफ मुतावज्जे हुआ और (उस वक्त) धुएँ (का सा) था उसने उससे और ज़मीन से फरमाया कि तुम दोनों आओ ख़़ुशी से ख्वाह कराहत से, दोनों ने अर्ज़ की हम ख़़ुशी ख़़ुशी हाज़िर हैं
फुस्सिलतकुरान सूची
54आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — फुस्सिलत 9

सूरा फुस्सिलत आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या तुम उस (ख़ुदा)…

सूरा आयत 9/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए