अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- सिर्रहुम (उनका भेद/राज़): वह बात जो वे अपने दिलों में छिपाते हैं या आपस में बहुत धीमे कहते हैं।
- नज्वाहुम (उनकी सरगोशी/कानाफूसी): वह गुप्त बातें जो वे एक-दूसरे से धीमे स्वर में कहते हैं।
- बल्या (हाँ، بلکہ): इसका अर्थ है "हाँ، یقیناً" — यहाँ इसका प्रयोग पुष्टि और दृढ़ता के लिए हुआ है।
- रुसुलुना (हमारे भेजे हुए): यहाँ इससे अभिप्राय वे फ़रिश्ते हैं जो इंसानों के कर्म लिखने पर नियुक्त हैं।
- लदैहिम (उनके पास): अर्थात उनके साथ हमेशा मौजूद रहते हैं।
- यकतुबून (लिखते हैं): वे हर अच्छे और बुरे काम को दर्ज करते जाते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन आयतों में अल्लाह तआला उन लोगों की ग़लतफ़हमी का पर्दाफ़ाश कर रहा है जो यह समझते हैं कि उनके दिलों के राज़ और उनकी गुप्त बातें अल्लाह से छिपी रहेंगी। वे सोचते हैं कि जो बातें वे अपने दिलों में छिपाते हैं या आपस में कानाफूसी करके कहते हैं، उनका कोई हिसाब नहीं होगा। अल्लाह तआला फ़रमाता है: क्या वे लोग यह ख़्याल करते हैं कि हम उनके दिलों के भेद और उनकी सरगोशी नहीं सुनते؟ हरगिज़ नहीं! हम सब कुछ सुनते और जानते हैं। हमारे भेजे हुए फ़रिश्ते हर वक़्त उनके पास मौजूद रहते हैं और उनके हर अमल को लिखते जाते हैं — चाहे वह ज़ाहिर हो या छिपा، چھوٹا हो या बड़ा।
यह आयत मोमिनों के लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी और डराने वाली नसीहत है। जिसे यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हर बात सुन रहा है और हर अमल लिखा जा रहा है، उसकी ज़ुबान गुनाह से रुक जाती है और उसका दिल नेकियों की तरफ़ झुक जाता है। यही वह चीज़ है जो इंसान को अल्लाह की नाराज़गी से बचाती है और उसे सीधे रास्ते पर चलाती है। अल्लाह तआला का यह एलान कि "हमारे फ़रिश्ते तुम्हारे पास मौजूद हैं اور लिख रहे हैं" — यह हमारे लिए एक बड़ी नेमत है कि हमारा हर अमल अल्लाह के हुज़ूर में दर्ज हो रहा है، ताकि क़यामत के दिन हमारे साथ इंसाफ़ किया जाए। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह अपनी ज़ुबान، अपने दिल और अपने आमाल को पाक रखे، क्योंकि अल्लाह सब कुछ देखता और सुनता है، और उसका हिसाब बिल्कुल सटीक होगा।
📜 आयत 78-82 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 80
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 80 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ये लोग कुछ समझते हैं कि हम उनके भेद…सूरा आयत 80/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 78–82. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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