अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَبْرَمُوا: उन्होंने मज़बूत किया, पक्का किया
- أَمْرًا: कोई योजना, चाल या साज़िश
- مُبْرِمُونَ: हम भी मज़बूत करने वाले हैं, अर्थात हमारी योजना भी पक्की है
तफ़सीर:
इन मुशरिकों ने सोचा कि वे अपनी चालों और साज़िशों से इस्लाम के दीने हक़ को नष्ट कर देंगे और रसूलुल्लाह ﷺ की दावत को बेअसर कर देंगे। उन्होंने अपनी योजनाएँ बनाईं, अपने जाल बिछाए और अपनी ताक़त पर भरोसा किया। लेकिन वे भूल गए कि इस क़ुरआन के पीछे और इस दावत के पीछे वह ज़ात है जो सबसे बड़ी तदबीर करने वाली है, सबसे मज़बूत योजना बनाने वाली है।
अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं: क्या उन्होंने सोचा कि उन्होंने अपना मामला पक्का कर लिया है? तो हम भी अपना मामला पक्का कर रहे हैं। यानी जिस तरह वे अपनी चालें चल रहे हैं, हम भी उनके ख़िलाफ़ अपनी तदबीर कर रहे हैं — और हमारी तदबीर सबसे बेहतर और सबसे मज़बूत है। वे चाहे जितनी भी साज़िशें कर लें, अल्लाह की योजना उनकी सारी योजनाओं पर भारी पड़ने वाली है।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक बड़ी तसल्ली और हौसला है जो अल्लाह के दीन पर क़ायम है। चाहे दुश्मन कितनी भी ताक़त जुटा लें, कितनी ही चालें चल लें, अल्लाह का वादा है कि वह अपने दीन को ग़ालिब करके रहेगा और अपने नबी की मदद करके रहेगा। यही वजह है कि हम देखते हैं कि हर दौर में अल्लाह के दुश्मनों की साज़िशें नाकाम हुई हैं और अल्लाह का दीन बुलंद होता रहा है।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें कभी भी दुश्मनों की तादाद और उनकी ताक़त से डरना नहीं चाहिए। हमारा भरोसा अल्लाह पर होना चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा योजनाकार है और उसकी योजना के आगे सारी योजनाएँ बेकार हैं। जो लोग अल्लाह के दीन की मदद करते हैं, अल्लाह उनकी मदद ज़रूर करता है — यह अल्लाह का पक्का वादा है जो कभी टलता नहीं।
📜 आयत 77-81 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 79
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उन लोगों ने कोई बात ठान ली है हमने…सूरा आयत 79/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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