Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَلَدٌ (वलद): संतान, बेटा।
- أَوَّلُ الْعَابِدِينَ (अव्वलुल आबिदीन): सबसे पहले इबादत करने वाला, यानी सबसे अग्रणी और सबसे बढ़कर आज्ञा मानने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उन मुशरिकों से कह दीजिए जो यह झूठा दावा करते हैं कि अल्लाह के बेटियाँ हैं (फ़रिश्तों को अल्लाह की बेटियाँ कहते थे) — अगर सचमुच रहमान (अल्लाह) की कोई संतान होती, जैसा कि तुम्हारा दावा है, तो मैं सबसे पहले उसकी इबादत और भक्ति करने वाला होता। लेकिन यह बात सरासर झूठ और बुनियादी रूप से ग़लत है। अल्लाह तआला हर उस चीज़ से पाक और मुक़द्दस है जो तुम उसके बारे में कहते हो। उसकी कोई पत्नी नहीं, कोई संतान नहीं, कोई साथी नहीं। वह एक है, अकेला है, बेनियाज़ है। मैं तो सबसे पहले उसी अल्लाह की इबादत करने वाला हूँ जो इन सब झूठे गुणों से पाक है, और मैं उसकी तौहीद (एकता) का गवाह हूँ।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की ज़ात के बारे में कोई भी ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए जो उसकी शान के ख़िलाफ़ हो। अल्लाह हर ऐब और कमी से पाक है। हमें चाहिए कि हम उसकी तौहीद पर दृढ़ रहें, उसकी इबादत में किसी को शरीक न करें, और उसके नामों और सिफ़ात को वैसे ही मानें जैसे उसने ख़ुद बयान किए हैं। यही सच्ची इबादत है, और यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाता है। जो लोग अल्लाह के बारे में झूठी बातें गढ़ते हैं, वे सिर्फ़ अपना नुक़सान करते हैं, क्योंकि अल्लाह की शान उनकी बातों से बहुत ऊँची है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह को उसी तरह पहचानें जैसा उसने अपनी किताब और अपने रसूल ﷺ के ज़रिए बताया है — वही सबसे बड़ी सच्चाई और सबसे अच्छी राह है।
📜 आयत 79-83 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 81
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि अगर ख़ुदा की कोई…सूरा आयत 81/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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