अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كَغَلْيِ: उबालने की तरह, जैसे उबलता है।
- الْحَمِيمِ: अत्यंत गर्म पानी, जो अपनी अधिकतम तापमान पर हो।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक अज़ाब का वर्णन कर रही है जो क़ियामत के दिन काफ़िरों और मुशरिकों के लिए तैयार किया गया है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जहन्नुम के अंदर ज़क़्क़ूम (एक कांटेदार पेड़) का फल उनके पेटों में इस तरह उबलेगा जैसे अत्यंत गर्म पानी उबलता है। यह वह पानी नहीं जो सामान्य रूप से गर्म होता है, बल्कि वह पानी जो अपनी आख़िरी हद तक गर्म हो चुका हो और उसका उबाल अपने चरम पर हो।
यह तशबीह (उदाहरण) इसलिए दी गई है ताकि इंसान उस अज़ाब की शिद्दत को समझ सके। जिस तरह अत्यंत गर्म पानी जब उबलता है तो उससे निकलने वाली भाप और बुलबुले किसी को भी झुलसा सकते हैं, उसी तरह ज़क़्क़ूम का फल उनके पेटों में उबलकर उन्हें अंदर से जला देगा। यह कोई साधारण दर्द नहीं, बल्कि एक ऐसा अज़ाब है जिसकी कोई मिसाल इस दुनिया में नहीं।
नसीहत और दावत:
यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ बुलाती है। अल्लाह ने इस दुनिया में हमें मौका दिया है कि हम अपने कर्मों को सुधार लें, तौबा कर लें और उसकी राह पर चलें। जहन्नुम का यह भयानक अज़ाब उन लोगों के लिए है जो अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके रसूलों को झुठलाते हैं। लेकिन अल्लाह की रहमत बहुत व्यापक है—जो कोई भी सच्चे दिल से तौबा करके उसकी ओर लौटेगा, अल्लाह उसके गुनाह माफ कर देगा और उसे जन्नत की नेमतों से नवाज़ेगा।
इसलिए ऐ इंसान! इस दुनिया की ज़िंदगी को अपना आख़िरी पड़ाव न समझ। यहाँ से जाने के बाद एक ऐसी ज़िंदगी है जो कभी खत्म नहीं होगी। आज का फैसला तुम्हारे हाथ में है—या तो अल्लाह की इताअत करके उसकी जन्नत और रहमत का हक़दार बनो, या नाफ़रमानी करके उस अज़ाब की तरफ बढ़ो जिसका यहाँ ज़िक्र किया गया है। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह दिखाए और जहन्नुम के अज़ाब से बचाए। आमीन।
📜 आयत 44-48 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 46
सूरा अद-दुखान आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जैसे खौलता हुआ पानी उबाल खाता हैसूरा आयत 46/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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