Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خُذُوهُ (उसे पकड़ो): उसे पकड़ लो।
- فَاعْتِلُوهُ (और उसे धकेलो): उसे ज़ोर से घसीटो और धकेलते हुए ले जाओ।
- إِلَىٰ سَوَاءِ الْجَحِيمِ (जहन्नम के बीचों-बीच): नरक के ठीक मध्य भाग की ओर।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन जब यह घोषणा होगी कि अत्याचारी और पापी व्यक्ति को पकड़ लिया जाए, तो अल्लाह के आदेश से दोज़ख़ के फ़रिश्ते (ज़बानिया) उसे पकड़ लेंगे। उन्हें कहा जाएगा: "इसे पकड़ो और इसे ज़ोर से घसीटते हुए, बड़ी सख़्ती और बेरहमी के साथ नरक के बीचों-बीच ले जाओ।" यह वह जगह है जहाँ आग की लपटें सबसे तेज़ होती हैं और अज़ाब सबसे सख़्त होता है। यह उस व्यक्ति की सज़ा होगी जिसने दुनिया में अल्लाह की आयतों को झुठलाया और अपने अत्याचारों में हद से गुज़र गया।
यह आयत हमें अल्लाह के इंसाफ़ की याद दिलाती है। जो व्यक्ति दुनिया में किसी की परवाह नहीं करता, अल्लाह के हुक्म को नहीं मानता और लोगों पर ज़ुल्म करता है, उसके लिए अल्लाह ने यह सख़्त सज़ा तैयार की है। लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह बड़ा रहीम और करीम है। उसने हमें मौका दिया है कि हम अपनी ज़िंदगी में तौबा कर लें, अपने गुनाहों से बाज़ आ जाएँ और अपने रब की राह पर चलें। जो लोग दुनिया में अल्लाह के हुक्मों का पालन करते हैं और उसकी रहमत के तलबगार रहते हैं, उनके लिए जन्नत की नेमतें हैं जो कभी ख़त्म नहीं होंगी। आइए हम इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि क़यामत के दिन हम इस सख़्त अज़ाब से महफ़ूज़ रहें।
📜 आयत 45-49 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 47
सूरा अद-दुखान आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फरिश्तों को हुक्म होगा) इसको पकड़ो और घसीटते हुए दोज़ख़…सूरा आयत 47/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अद-दुखान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


