अद-दुखान · 8/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ يُحْيِي وَيُمِيتُ ۖ رَبُّكُمْ وَرَبُّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ ۝٨
Laaa ilaaha illaa Huwa yuhyee wa yumeetu Rabbukum wa Rabbu aabaaa`ikumul awwaleen
📖 हिंदी अर्थ
अगर तुममें यक़ीन करने की सलाहियत है (तो करो) उसके सिवा कोई माबूद नहीं - वही जिलाता है वही मारता है तुम्हारा मालिक और तुम्हारे (अगले) बाप दादाओं का भी मालिक है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ: उसके अलावा कोई सच्चा पूज्य नहीं।
  • يُحْيِي وَيُمِيتُ: वही जीवन देता है और वही मृत्यु देता है।
  • رَبُّكُمْ وَرَبُّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ: वह तुम्हारा रब है और तुम्हारे पहले के बाप-दादाओं का भी रब है।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी वहदानियत (एकता) और कुदरत (शक्ति) का सबसे स्पष्ट प्रमाण पेश किया है। वह फ़रमाता है कि उसके सिवा कोई सच्चा माबूद (पूज्य) नहीं है। आसमानों और ज़मीन का ख़ालिक़ (रचयिता) वही है, और उसकी रची हुई हर चीज़ उसी की मोहताज है। जो ख़ुद मोहताज हो, वह पूजा का हक़दार कैसे हो सकता है?

अल्लाह ने अपनी कुदरत के दो सबसे बड़े नमूने बयान किए: जीवन देना और मौत देना। जिसने ज़मीन से पेड़ उगाए, जानवरों को पैदा किया, इंसान को क़ुदरत का ताज पहनाया, और जब चाहे उसकी जान ले ले, वही असली मालिक है। मौत और ज़िंदगी उसी के हाथ में है, किसी और के हाथ में नहीं।

फिर अल्लाह फ़रमाता है: "वह तुम्हारा रब है और तुम्हारे पहले के बाप-दादाओं का भी रब है।" यानी जो रब आज तुम्हारी परवरिश कर रहा है, वही तुम्हारे पुरखों का भी रब था। उसने ही उन्हें पैदा किया, उन्हें रिज़्क़ दिया, और उनकी मौत के बाद तुम्हें ज़िंदा किया। यह सिलसिला क़यामत तक जारी रहेगा। जो रब इतना क़ादिर और मेहरबान हो, उसी की इबादत करनी चाहिए, न कि उन चीज़ों की जो न किसी को जीवन दे सकती हैं और न मौत।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमारा दिल सिर्फ़ अल्लाह से जुड़े। जब हमें यक़ीन हो जाए कि ज़िंदगी और मौत उसी के हाथ में है, तो हम किसी और से क्यों डरें? किसी और से क्यों उम्मीद रखें? यही वह ईमान है जो इंसान को बेड़ियों से आज़ाद करता है, उसे सच्ची इज़्ज़त और सुकून देता है। अल्लाह से जुड़ा हुआ इंसान कभी अकेला नहीं होता, कभी निराश नहीं होता, क्योंकि उसे मालूम है कि उसका रब हमेशा उसके साथ है।



📜 आयत 6-10 — सूरा अद-दुखान

6رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ ۚ إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी है, वह बेशक बड़ा सुनने वाला वाक़िफ़कार है
7رَبِّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا ۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ
सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है सबका मालिक
8لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ يُحْيِي وَيُمِيتُ ۖ رَبُّكُمْ وَرَبُّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ
अगर तुममें यक़ीन करने की सलाहियत है (तो करो) उसके सिवा कोई माबूद नहीं - वही जिलाता है वही मारता है तुम्हारा मालिक और तुम्हारे (अगले) बाप दादाओं का भी मालिक है
9بَلْ هُمْ فِي شَكٍّ يَلْعَبُونَ
लेकिन ये लोग तो शक़ में पड़े खेल रहे हैं
10فَارْتَقِبْ يَوْمَ تَأْتِي السَّمَاءُ بِدُخَانٍ مُّبِينٍ
तो तुम उस दिन का इन्तेज़ार करो कि आसमान से ज़ाहिर ब ज़ाहिर धुऑं निकलेगा
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अनुवाद — अद-दुखान 8

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Thursday, October 1, 2026

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