Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- طَيِّبَاتِكُمْ: तुम्हारी अच्छी चीज़ें, सुख-सुविधाएँ और आनंद की वस्तुएँ।
- الْهُونِ: अपमान, ज़िल्लत और बेइज़्ज़ती।
- تَسْتَكْبِرُونَ: घमंड करना, अहंकार करना।
- تَفْسُقُونَ: आज्ञा से बाहर निकलना, अवज्ञा करना, पाप करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन का ज़िक्र करो जब काफ़िरों को आग के सामने पेश किया जाएगा, और उन्हें डाँट-फटकार और तिरस्कार के साथ कहा जाएगा: "क्या तुमने अपनी अच्छी चीज़ें और सुख-सुविधाएँ अपनी दुनियावी ज़िंदगी में ही ख़त्म नहीं कर लीं? और क्या तुमने उनका भरपूर आनंद नहीं उठाया?" यानी तुम्हें दुनिया में जो कुछ भी दिया गया था—स्वास्थ्य, धन, समय, युवावस्था, और खुशियाँ—वह सब तुमने अपनी इच्छाओं की पूर्ति और आराम-तलबी में बिता दिया, और आख़िरत के लिए कुछ भी नहीं भेजा।
आज के दिन तुम्हें अपमान और ज़िल्लत का अज़ाब दिया जाएगा, क्योंकि तुमने धरती पर नाहक़ घमंड किया और अल्लाह की आज्ञा से बाहर निकलकर उसकी अवज्ञा की। तुमने अपने आपको बड़ा समझा, सच्चाई को कबूल करने से इनकार किया, और अपने पापों में डूबे रहे। यह अज़ाब तुम्हारे उसी घमंड और अवज्ञा का बदला है।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि यह दुनिया की ज़िंदगी एक इम्तिहान है, और यहाँ की सुख-सुविधाएँ अस्थायी हैं। जो लोग सिर्फ़ दुनिया की खुशियों में मशगूल रहते हैं और अल्लाह की याद से ग़ाफ़िल हो जाते हैं, वे आख़िरत में बहुत पछताएँगे। लेकिन जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, उसकी इबादत करते हैं, और उसके रसूल की पैरवी करते हैं, उनके लिए जन्नत की नेमतें हैं जो कभी ख़त्म नहीं होंगी।
आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगाएँ, अपने कर्मों को सुधारें, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचें जब हमें अपने किए पर पछताना पड़े। याद रखें, यह दुनिया एक खेल और मज़ाक़ है, और असली ज़िंदगी आख़िरत की है। अल्लाह हमें सीधी राह दिखाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी रहमत और जन्नत के हक़दार हैं। आमीन।
📜 आयत 18-22 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 20
सूरा अल-अहकाफ आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस दिन कुफ्फार जहन्नुम के सामने लाएँ जाएँगे (तो…सूरा आयत 20/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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