Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَيَهْدِيهِمْ (सयह्दीहिम): अल्लाह उन्हें हिदायत देगा, सही रास्ता दिखाएगा और उन्हें भलाई की ओर मार्गदर्शन करेगा।
- وَیُصْلِحُ بَالَهُمْ (वयुस्लिहु बालहुम): उनकी हालत और स्थिति को सुधार देगा, उनके कामों को दुरुस्त कर देगा और उनकी परेशानियों को दूर कर देगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनीन (ईमानवालों) के बारे में है जो अल्लाह की राह में जिहाद करते हुए शहीद हो जाते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो लोग उसकी राह में अपनी जान क़ुर्बान कर देते हैं, उनके अमल (कर्मों) को वह हरगिज़ ज़ाइ (व्यर्थ) नहीं करेगा। बल्कि उनके लिए तीन बड़ी ख़ुशख़बरियाँ हैं:
- सयह्दीहिम (वह उन्हें हिदायत देगा): अल्लाह उन्हें दुनिया में भी सीधे रास्ते पर चलाता है और आख़िरत में भी उन्हें जन्नत के दरजात (ऊँचे मुकाम) तक पहुँचाएगा। यानी उनकी मुश्किलें आसान करेगा और उन्हें वह रास्ता दिखाएगा जो उनके लिए सबसे बेहतर होगा।
- वयुस्लिहु बालहुम (वह उनकी हालत सुधारेगा): अल्लाह उनके हालात को बेहतर बनाएगा, उनके दुश्मनों को उनसे राज़ी करेगा, उनके अमलों को क़ुबूल करेगा और उनकी ज़िंदगी को अच्छाई से भर देगा। दुनिया में भी उन्हें इज़्ज़त देगा और आख़िरत में भी उन्हें जन्नत अता करेगा।
- उनके अमल ज़ाइ नहीं होंगे: अल्लाह ने वादा किया है कि जो भी नेक काम उन्होंने किए हैं, उनमें से कोई भी ज़ाइ नहीं जाएगा। बल्कि अल्लाह उन्हें जन्नत में दाख़िल करेगा और उन्हें उनके मुकामात से वाक़िफ़ कराएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की राह में क़ुर्बानी देने वालों का अज्र (इनाम) अल्लाह के ज़िम्मे है, और अल्लाह कभी किसी का हक़ नहीं मारता। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि अगर हम अल्लाह की राह में अपनी जान, माल और वक़्त लगा दें, तो अल्लाह हमें कभी निराश नहीं करेगा। वह हमारी हर मुश्किल को आसान करेगा, हमारी हर परेशानी को दूर करेगा और हमें वह इज़्ज़त देगा जो दुनिया की किसी ताक़त से नहीं मिल सकती। यही ईमान की असली मिठास है — यक़ीन रखना कि अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता। आइए, हम भी अल्लाह की राह में अपने कदम बढ़ाएँ और उसके वादों पर भरोसा रखें, क्योंकि उसका वादा सच्चा है और उसकी मेहरबानी असीम है।
📜 आयत 3-7 — सूरा मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 5
सूरा मुहम्मद आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन्हें अनक़रीब मंज़िले मक़सूद तक पहुँचाएगासूरा आयत 5/38 — सूरा मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मुहम्मद सुनें, सूरा मुहम्मद अनुवाद, सूरा मुहम्मद mp3, सूरा मुहम्मद pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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