मुहम्मद · 6/38
अनुवाद उच्चारण — सूरा मुहम्मद
وَيُدْخِلُهُمُ الْجَنَّةَ عَرَّفَهَا لَهُمْ ۝٦
Wa yudkhiluhumul jannata `arrafahaa lahum
📖 हिंदी अर्थ
और उनकी हालत सवार देगा और उनको उस बेहिश्त में दाख़िल करेगा जिसका उन्हें (पहले से) येनासा कर रखा है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • عَرَّفَهَا لَهُمْ: उन्हें जन्नत की पहचान करा दी, यानी उनके लिए उसे स्पष्ट कर दिया और उनके ठिकाने उन्हें दिखा दिए।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला उन मोमिनों को, जो उसकी राह में शहीद हुए या उसके दीन की ख़िदमत में जुटे रहे, क़यामत के दिन जन्नत में दाख़िल करेगा। उसने उन्हें दुनिया में ही जन्नत की सिफ़ात (विशेषताओं) से आगाह कर दिया था—उसके बाग़, उसके महल, उसकी नहरें, उसके मेवे और उसकी नेमतें—ताकि उनके दिल उसकी तरफ़ माइल हों और वे उसके लिए मेहनत करें। और जब वे जन्नत में दाख़िल होंगे, तो अल्लाह उन्हें उनके मक़ामात (ठिकानों) से रूबरू कराएगा, जो उसने उनके लिए तैयार किए थे। वे उन्हें पहचान लेंगे, जैसे कोई अपने घर को पहचानता है। यह अल्लाह का बड़ा फ़ज़ल और करम है कि उसने अपने बंदों को दुनिया में ही उस चीज़ की पहचान दी जिसकी तरफ़ उन्हें बुलाया, और आख़िरत में उन्हें उसके दीदार से नवाज़ा।

यह वही इनाम है जो अल्लाह ने अपने सच्चे बंदों से वादा किया है—जो उसकी राह में जान लड़ाते हैं, अपने माल और वक़्त को उसकी राह में ख़र्च करते हैं, और सब्र के साथ उसकी इबादत पर क़ायम रहते हैं। अल्लाह उनके अच्छे आमाल को हरगिज़ ज़ाइए नहीं करता, बल्कि उन्हें उसका अज्र (बदला) पूरा पूरा अता फ़रमाता है।

दावती पहलू (इंस्पिरेशन):

यह आयत मोमिनों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है! अल्लाह ने जन्नत को उनके लिए इस क़दर आसान कर दिया है कि उसकी राह में एक क़दम बढ़ाना, एक नेकी करना, एक सच्ची दुआ माँगना—सब कुछ उस जन्नत की तरफ़ रास्ता है। और जब वे उसमें दाख़िल होंगे, तो उन्हें अपने मक़ामात ऐसे मिलेंगे जैसे वे उन्हें पहले से जानते हों—क्योंकि अल्लाह ने उन्हें दुनिया में ही उनकी पहचान दी थी। तो आओ, हम भी उस राह पर चलें जो हमें उस जन्नत तक ले जाए, जहाँ का हर कोना हमारे लिए पहचाना हुआ है, और जहाँ की हर नेमत हमारे इंतज़ार में है। यही सच्ची कामयाबी है, और यही अल्लाह का वादा है जो कभी झूठा नहीं होता।



📜 आयत 4-8 — सूरा मुहम्मद

4فَإِذَا لَقِيتُمُ الَّذِينَ كَفَرُوا فَضَرْبَ الرِّقَابِ حَتَّىٰ إِذَا أَثْخَنتُمُوهُمْ فَشُدُّوا الْوَثَاقَ فَإِمَّا مَنًّا بَعْدُ وَإِمَّا فِدَاءً حَتَّىٰ تَضَعَ الْحَرْبُ أَوْزَارَهَا ۚ ذَٰلِكَ وَلَوْ يَشَاءُ اللَّهُ لَانتَصَرَ مِنْهُمْ وَلَٰكِن لِّيَبْلُوَ بَعْضَكُم بِبَعْضٍ ۗ وَالَّذِينَ قُتِلُوا فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَلَن يُضِلَّ أَعْمَالَهُمْ
तो जब तुम काफिरों से भिड़ो तो (उनकी) गर्दनें मारो यहाँ तक कि जब तुम उन्हें ज़ख्मों से चूर कर डालो तो उनकी मुश्कें कस लो फिर उसके बाद या तो एहसान रख (कर छोड़ दे) या मुआवेज़ा लेकर, यहाँ तक कि (दुशमन) लड़ाई के हथियार रख दे तो (याद रखो) अगर ख़ुदा चाहता तो (और तरह) उनसे बदला लेता मगर उसने चाहा कि तुम्हारी आज़माइश एक दूसरे से (लड़वा कर) करे और जो लोग ख़ुदा की राह में यहीद किये गए उनकी कारगुज़ारियों को ख़ुदा हरगिज़ अकारत न करेगा
5سَيَهْدِيهِمْ وَيُصْلِحُ بَالَهُمْ
उन्हें अनक़रीब मंज़िले मक़सूद तक पहुँचाएगा
6وَيُدْخِلُهُمُ الْجَنَّةَ عَرَّفَهَا لَهُمْ
और उनकी हालत सवार देगा और उनको उस बेहिश्त में दाख़िल करेगा जिसका उन्हें (पहले से) येनासा कर रखा है
7يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِن تَنصُرُوا اللَّهَ يَنصُرْكُمْ وَيُثَبِّتْ أَقْدَامَكُمْ
ऐ ईमानदारों अगर तुम ख़ुदा (के दीन) की मदद करोगे तो वह भी तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हें साबित क़दम रखेगा
8وَالَّذِينَ كَفَرُوا فَتَعْسًا لَّهُمْ وَأَضَلَّ أَعْمَالَهُمْ
और जो लोग काफ़िर हैं उनके लिए तो डगमगाहट है और ख़ुदा (उनके) आमाल बरबाद कर देगा
मुहम्मदकुरान सूची
38आयत
मदनीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — मुहम्मद 6

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Thursday, October 1, 2026

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