अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلْيَأْتُوا – तो वे ले आएँ
- بِحَدِيثٍ مِّثْلِهِ – इस (क़ुरआन) जैसी एक बात (या किताब)
- إِن كَانُوا صَادِقِينَ – अगर वे सच्चे हैं
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में मक्का के काफ़िरों को चुनौती दे रहे हैं, जो कहते थे कि मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने यह क़ुरआन खुद बना लिया है। अल्लाह फ़रमाता है: अगर तुम सच में यही समझते हो कि यह किताब किसी इंसान की बनाई हुई है, और तुम्हारे पास सच्चाई का दावा है, तो तुम भी इस क़ुरआन जैसी एक ही बात, एक ही सूरा, या एक ही आयत लेकर आओ। यह कोई मुश्किल काम नहीं होना चाहिए अगर तुम सच्चे हो।
यह चुनौती उन लोगों के लिए है जो अरबी भाषा के सबसे बड़े वक्ता और शायर थे। उनकी भाषा में फ़साहत (स्पष्टता) और बलाग़त (वाक्पटुता) का कोई सानी नहीं था। फिर भी वे इस चुनौती का जवाब नहीं दे सके, और न आज तक किसी ने दे सका है। यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि क़ुरआन अल्लाह का कलाम है, न कि किसी इंसान की रचना।
यह चुनौती सिर्फ उस समय के लिए नहीं थी, बल्कि क़यामत तक के लिए है। अगर आज कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही बड़ा विद्वान, लेखक या वक्ता क्यों न हो, इस क़ुरआन जैसी एक छोटी सी सूरा भी लाने की कोशिश करे, तो वह कभी सफल नहीं हो सकता। यही इस किताब का चमत्कार है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जिस किताब को पढ़कर हम रोज़ाना गुज़ारते हैं, वह कितनी अज़ीम (महान) है। अल्लाह ने इस किताब को इंसानों के लिए हिदायत का ज़रिया बनाया है। जिस किताब की सबसे बड़ी चुनौती को दुनिया का कोई इंसान पूरा नहीं कर सका, उस पर अमल करना कितनी बड़ी सौगात है। आओ, हम इस किताब को सिर्फ पढ़ें ही नहीं, बल्कि समझें और उस पर अमल करें। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 32-36 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 34
सूरा अत-तूर आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो अगर ये लोग सच्चे हैं तो ऐसा ही कलाम…सूरा आयत 34/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








