अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَقَوَّلَهُ — इसे स्वयं रच लिया, इसे गढ़ लिया (अर्थात् इसे अपनी ओर से बना लिया)।
तफ़सीर:
क्या ये मुशरिकीन कहते हैं कि मुहम्मद (ﷺ) ने इस क़ुरआन को स्वयं गढ़ लिया है और इसे अल्लाह की ओर से होने का दावा करते हैं? यह उनका झूठ और निराधार आरोप है। हक़ीक़त यह है कि ये लोग ईमान नहीं लाते, इसलिए ऐसी बातें कहते हैं। अगर इन्हें सच्चाई का एहसास होता और ये ईमान लाते, तो कभी ऐसा न कहते।
यह आरोप उनके अहंकार और जिद्दो-मुहाल का नतीजा है। वे जानते हैं कि यह क़ुरआन किसी इंसान का कलाम नहीं हो सकता — इसकी फ़साहत, बलाग़त, गहराई और हिकमत इंसानी क़ुदरत से बाहर है। लेकिन फिर भी वे इसे नकारते हैं, क्योंकि उनके दिलों में किब्र (घमंड) है और वे हक़ के आगे झुकना नहीं चाहते।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग कहते हैं: "उसने यह क़ुरआन खुद बना लिया है।" हालाँकि यह बात ख़ुद उनके दिलों में सच्ची नहीं है — वे जानते हैं कि मुहम्मद (ﷺ) उम्मी (अनपढ़) हैं, उन्होंने कभी किसी से सीखा नहीं, न ही वे कवि थे और न ही किसी किताब के जानकार। ऐसे इंसान से इतना महान और बेमिसाल कलाम कैसे सामने आ सकता है? यह तो सिर्फ़ अल्लाह ही का कलाम हो सकता है।
असल बात यह है कि उनका इनकार इल्म की कमी की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ़ अहंकार और हक़ से दूर भागने की वजह से है। अगर वे चाहें तो ज़रा सोचें — क्या कोई इंसान अपनी तरफ़ से ऐसा कलाम पेश कर सकता है जो चौदह सदियों से दिलों को मोह ले, अक़्लों को हैरत में डाल दे, और जिसकी हर आयत में इंसान की भलाई और हिदायत का राज़ छिपा हो?
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें क़ुरआन को सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि अल्लाह का कलाम समझकर पढ़ना चाहिए, उस पर अमल करना चाहिए और उसकी हिदायत को अपनी ज़िंदगी में उतारना चाहिए। जो लोग क़ुरआन को नकारते हैं, वह दरअसल अपने घमंड की वजह से नकारते हैं — और घमंड इंसान को हलाकत की तरफ ले जाता है। अल्लाह हमें हक़ को क़बूल करने की तौफ़ीक़ दे और हमारे दिलों से किब्र और जिद्द को दूर फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 31-35 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 33
सूरा अत-तूर आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ये लोग कहते हैं कि इसने क़ुरान ख़ुद गढ़…सूरा आयत 33/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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