अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَمْ خُلِقُوا مِنْ غَيْرِ شَيْءٍ: क्या वे बिना किसी सृष्टिकर्ता के पैदा हो गए?
- أَمْ هُمُ الْخَالِقُونَ: या क्या वे स्वयं अपने आप को पैदा करने वाले हैं?
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों से प्रश्न कर रही है जो ईश्वर की एकता और उसकी क़ुदरत को नहीं मानते। अल्लाह तआला फ़रमाता है: क्या ये मुशरिक लोग बिना किसी सृष्टिकर्ता के पैदा हो गए? यानी क्या इन्हें किसी ने पैदा नहीं किया और ये अपने आप अस्तित्व में आ गए? यह बात बिल्कुल असंभव और निराधार है, क्योंकि हर मख़लूक़ (प्राणी) का एक ख़ालिक़ (सृष्टिकर्ता) होना ज़रूरी है।
और यदि वे यह कहें कि उन्होंने स्वयं अपने आप को पैदा किया है, तो यह भी पूर्णतः असंभव है, क्योंकि कोई भी चीज़ अपने आप को पैदा नहीं कर सकती। पैदा होने से पहले वह थी ही नहीं, तो वह अपने आप को कैसे पैदा कर सकती है?
इस प्रकार, दोनों ही बातें बिल्कुल ग़लत और असंभव हैं। जब ये दोनों रास्ते बंद हैं, तो यह बात साबित हो जाती है कि इन्हें और पूरी कायनात को अल्लाह तआला ने ही पैदा किया है। वही एकमात्र सृष्टिकर्ता है, और जब वही सृष्टिकर्ता है, तो इबादत (पूजा) और बंदगी के योग्य भी वही है।
तो फिर ये लोग अपने उस सृष्टिकर्ता की इबादत क्यों नहीं करते? क्यों वे उसे छोड़कर दूसरों की पूजा करते हैं, जिन्होंने न कुछ पैदा किया और न ही किसी चीज़ के मालिक हैं?
यह आयत हमें गहरी सोच की दावत देती है। अगर इंसान अपनी पैदाइश पर थोड़ा भी ग़ौर करे, तो वह समझ सकता है कि यह सब एक महान सृष्टिकर्ता की कारीगरी है। जिसने हमें पैदा किया, हमारा पालन-पोषण किया, हमें सुनने, देखने और समझने की शक्तियाँ दीं, क्या वह हमारी इबादत का हक़दार नहीं?
अल्लाह तआला हमें हिदायत दे कि हम उसकी नेमतों को पहचानें और सिर्फ उसी की इबादत करें। आमीन।
📜 आयत 33-37 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 35
सूरा अत-तूर आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ये लोग किसी के (पैदा किये) बग़ैर ही पैदा…सूरा आयत 35/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








