अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حِجْرٌ (हिज्रुन): अर्थात हराम, मना किया हुआ।
- بِزَعْمِهِمْ (बि-ज़'मिहिम): उनके झूठे दावे और ग़लत ख़्याल के अनुसार।
- حُرِّمَتْ ظُهُورُهَا (हुर्रिमत ज़ुहूरुहा): उनकी पीठें (सवारी और बोझ ढोने के लिए) हराम कर दी गईं।
- افْتِرَاءً (इफ्तिरा): झूठ गढ़ना, अल्लाह पर झूठ बोलना।
तफ़सीर (व्याख्या):
मुशरिकीन (बुतपरस्त) लोगों ने अपनी मन-गढ़ंत परंपराओं के तहत कुछ जानवरों और खेतों को "हिज्र" (हराम) क़रार दे दिया था, यानी उन्होंने ऐलान किया कि ये चीज़ें पवित्र और वर्जित हैं। उनका दावा था कि इन्हें कोई नहीं खा सकता, सिवाय उन लोगों के जिन्हें हम खुद चाहें — जैसे कि बुतों के सेवक (सदना) और कुछ ख़ास लोग। यह सब उन्होंने अपने झूठे दावे और अल्लाह पर इफ्तिरा (झूठ) करके कहा, जबकि अल्लाह ने ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई थी।
इसी तरह, उन्होंने कुछ जानवरों (जैसे बहीरा, साइबा, वसीला, हामी) की पीठें हराम कर दीं, यानी उन पर सवारी करना, बोझ लादना या उनसे कोई काम लेना मना ठहराया। और कुछ जानवरों को वे अल्लाह का नाम लिए बिना ज़बह करते थे, बल्कि अपने बुतों के नाम पर ज़बह करते थे, ताकि उन्हें अपने देवताओं का क़ुर्बान समझें।
यह सब कुछ उन्होंने अल्लाह पर झूठ बाँधकर किया — यानी यह दावा किया कि यह अल्लाह का हुक्म है, हालाँकि अल्लाह ने उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था। अल्लाह तआला ने उन्हें साफ़ चेतावनी दी कि वह उन्हें उनके इस झूठ और इफ्तिरा की सज़ा ज़रूर देगा, क्योंकि वे अल्लाह के नाम पर झूठी बातें गढ़ते थे और लोगों को गुमराह करते थे।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने जो हलाल (जायज़) किया है, उसे हराम करना या जो हराम किया है उसे हलाल ठहराना — यह अल्लाह पर बहुत बड़ा इफ्तिरा है। इस्लाम एक आसान और फ़ितरत (स्वाभाविक) के अनुरूप दीन है, जिसमें बेवजह की पाबंदियाँ और मन-गढ़ंत नियम नहीं हैं। अल्लाह ने हमारे लिए पाक और अच्छी चीज़ें हलाल कीं और गंदी चीज़ें हराम कीं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के दिए हुए नियमों को खुशी से अपनाएँ और अपनी तरफ़ से कोई नया धर्म या नियम न बनाएँ। याद रखें, अल्लाह हर उस काम का हिसाब लेगा जो हम उसके नाम पर गढ़ते हैं। इसलिए सच्चाई और अल्लाह के हुक्म की पैरवी ही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 136-140 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 138
सूरा अल-अनआम आयत 138 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनको सिवा उसके जिसे हम चाहें कोई नहीं खा सकता…सूरा आयत 138/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 136–140. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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